दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर शुक्रवार को आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए. कार्यक्रम में उन्होंने कॉलेज की लंबी और गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए कहा कि SRCC सिर्फ पढ़ाई-लिखाई का संस्थान नहीं है, बल्कि इसने कई पीढ़ियों को बेहतर भविष्य के सपने देखने और उन्हें पूरा करने की दिशा में प्रेरित किया है.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत कॉलेज के शताब्दी वर्ष की बधाई देकर की. उन्होंने कहा कि किसी संस्थान का 100 साल का सफर अपने आप में बड़ी उपलब्धि होता है. इतने लंबे समय में कोई शिक्षण संस्थान सिर्फ इमारतों और डिग्रियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके साथ उपलब्धियों, अनुभवों और प्रेरणाओं की पूरी विरासत जुड़ जाती है.
छोटे परिसर से देश के नामी कॉलेज तक का सफर
पीएम मोदी ने SRCC के शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि कॉलेज की शुरुआत दिल्ली के दरियागंज में एक छोटे से परिसर से हुई थी. आज यही संस्थान एक बड़े वटवृक्ष की तरह फैल चुका है, जिसकी छांव में अनगिनत छात्रों ने शिक्षा हासिल की और अपने करियर की नई राह बनाई.
उन्होंने कॉलेज की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को हल्के-फुल्के अंदाज में भी सामने रखा. प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में अगर कोई पूछे कि आप किस कॉलेज से पढ़े हैं और सामने से जवाब आए- ‘SRCC’, तो सिर्फ इतना कहना ही काफी है. उनके मुताबिक, कॉलेज का नाम अपने आप में एक बड़ी पहचान बन चुका है.
‘यहां के एलुमनाई असली OG हैं’
प्रधानमंत्री ने SRCC के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कॉलेज के एलुमनाई ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी पहचान बनाई है. अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं की भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यहां से पढ़कर निकले लोग ‘असली OG’ हैं.
इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को भी याद किया. उन्होंने बताया कि जेटली से जब भी उनकी मुलाकात होती थी, बातचीत में अक्सर SRCC के दिनों के किस्से जरूर सामने आते थे. मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार जेटली उन्हें वही किस्से बार-बार सुनाया करते थे.
अर्थशास्त्र से लेकर कला और कानून तक हर क्षेत्र में पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि SRCC की पहचान केवल अर्थशास्त्र और कॉमर्स के क्षेत्र तक सीमित नहीं रही है. इस संस्थान से पढ़कर निकले लोगों ने राजनीति, कानून, न्यायपालिका, कला और कई दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी अलग जगह बनाई है.
उन्होंने अपनी टीम के सदस्य और अर्थशास्त्री संजीव सान्याल का भी उल्लेख किया, जो SRCC के पूर्व छात्र हैं. प्रधानमंत्री के मुताबिक, कॉलेज की सबसे बड़ी ताकत उसकी वह विरासत है, जिसे उसके पूर्व छात्र अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ा रहे हैं.
SRCC के शताब्दी समारोह में पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो का भी इस्तेमाल किया. सफर के दौरान उन्होंने मेट्रो में मौजूद छात्रों और अन्य यात्रियों से सहज बातचीत की. यात्रियों ने भी प्रधानमंत्री का अभिवादन किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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