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पीएम मोदी ने दी स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि; बोले- युवाओं के लिए नई शक्ति संचारित करने का अवसर

राष्ट्रीय युवा दिवस के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए देश के युवाओं में जोश भरा है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनके कार्य ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए निरंतर ऊर्जा दे रहे हैं.

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आज 12 जनवरी है, यानी वो दिन जब भारत के सबसे बड़े ‘यूथ आइकॉन’ स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई जाती है. स्वामी जी ने न सिर्फ भारत को, बल्कि पूरी दुनिया को धर्म, मानवता और कर्म का वो पाठ पढ़ाया जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सौ साल पहले था. इस खास मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी जी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

युवाशक्ति के सशक्त प्रेरणास्रोत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैडल के जरिए स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘भारतीय युवाशक्ति के सशक्त प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में निरंतर नई ऊर्जा का संचार करने वाला है.’

पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि मेरी कामना है कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह दिव्य अवसर सभी देशवासियों, विशेषकर हमारे युवा साथियों के लिए नई शक्ति और नया आत्मविश्वास लेकर आए.

कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते उनके विचार- अमित शाह

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और अध्यात्म को विश्व पटल पर स्थापित किया.” शाह का मानना है कि स्वामी जी के विचार युवाओं में न केवल राष्ट्रप्रेम जगा रहे हैं, बल्कि उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं. उन्होंने ‘रामकृष्ण मिशन’ का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी जी ने समाज सेवा के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी हमें रास्ता दिखाते हैं.

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस?

12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक संभ्रांत परिवार में नरेंद्रनाथ दत्त (विवेकानंद) का जन्म हुआ था. वे स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बने और उन्होंने पूरी दुनिया को भारतीय वेदांत के गौरव से रूबरू कराया.

भारत सरकार ने 1984 में यह महसूस किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार और उनका जीवन ही भारतीय युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है. इसीलिए 1985 से उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाना शुरू किया गया. स्वामी जी का मानना था कि युवा ही राष्ट्र की असली ताकत हैं और अगर वे ठान लें, तो कुछ भी असंभव नहीं है.

महज 39 साल की छोटी सी उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार अमर हो गए.

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-भारत एक्सप्रेस



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