केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएमजीएसवाई के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने पीएमजीएसवाई-IV का शुभारंभ किया और राज्य के लिए सड़क, आवास और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की.
सीहोर जिले के भेरूंदा में आयोजित इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
गांव की सड़क को बताया विकास का रास्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव की सड़क सिर्फ रास्ता नहीं होती, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच का माध्यम बनती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाना है. इसी सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से सड़क और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है.
मध्य प्रदेश को मिली 1763 करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं
पीएमजीएसवाई-IV के तहत मध्य प्रदेश को 2,117 किलोमीटर लंबी 973 सड़कों की मंजूरी मिली है. इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1763 करोड़ रुपए बताई गई है. इससे राज्य की 987 बसावटों को सीधा लाभ मिलेगा.
विदिशा क्षेत्र को भी बड़ी सौगात मिली है. यहां 600 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई की 259 सड़कें स्वीकृत हुई हैं, जिनसे 264 बसावटों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा में 500 करोड़ रुपए से अधिक की सड़कें बनाई जाएंगी. उन्होंने साफ कहा कि पीएमजीएसवाई के मापदंड में आने वाली मध्य प्रदेश की हर पात्र सड़क को मंजूरी दी जाएगी.
पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को मिलेगा पक्का घर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2055 करोड़ रुपए की मदर सैंक्शन भी मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी गई. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रहे.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों का सत्यापन कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाएगा.
बहनों और किसानों के लिए भी बड़े ऐलान
शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ अभियान को और तेज करने की बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में किसी पात्र किसान के साथ अन्याय नहीं होगा. लंबित सत्यापन जल्द पूरे किए जाएंगे और किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित की जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को अधिक लाभ देने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जा रही है.
पीएमजीएसवाई ने बदली ग्रामीण भारत की तस्वीर
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है. बेहतर सड़क संपर्क से गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार की पहुंच आसान हुई है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आधुनिक और टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. पीएमजीएसवाई-IV से दूरदराज के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां और तेज होंगी.
विभिन्न राज्यों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित भी किया गया. सर्वाधिक सड़क लंबाई पूरी करने में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर रहा. राज्य ने 90,766 किलोमीटर ग्रामीण सड़क निर्माण का रिकॉर्ड बनाया.
बसावटों को जोड़ने की श्रेणी में बिहार पहले स्थान पर रहा, जबकि मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा. हरित प्रौद्योगिकी के उपयोग में गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा को सम्मान मिला.
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण में भी कई राज्यों को पुरस्कार दिए गए. गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र में मध्य प्रदेश को प्रथम स्थान मिला.
ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 18,907 करोड़ रुपए का सांकेतिक आवंटन तय किया है. इसमें से 830 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश को दिए गए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क संपर्क बढ़ने से गांवों में रोजगार, कृषि व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा.
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