भारत में मछली पालन (फोटो- IANS)
केंद्र की मोदी सरकार ने मंगलवार को संसद में मत्स्य पालन क्षेत्र को लेकर एक उत्साहजनक आंकड़ा पेश किया है. सरकार के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (PMMSY) के प्रभावी क्रियान्वयन से देश में मछली उत्पादन में अभूतपूर्व उछाल आया है. वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल मछली उत्पादन बढ़कर 197.75 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 141.64 लाख टन दर्ज किया गया था.
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री ललन ने दी जानकारी
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बताया कि सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 से इस योजना को लागू किया था. पिछले छह वर्षों के दौरान इस योजना ने देश में जलीय कृषि और मत्स्य पालन के समग्र विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है.

महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत महिला लाभार्थियों को इकाई लागत (यूनिट कॉस्ट) पर 60 प्रतिशत तक की भारी वित्तीय सहायता (सब्सिडी) दी जा रही है. पिछले छह वित्तीय वर्षों (2020-21 से 2025-26) में विभिन्न राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की 1,47,654 महिला लाभार्थियों को जोड़ने के लिए 4178.30 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.
इसके अलावा, सरकार ने अप्रैल 2026 तक कोल्ड चेन और ट्रांसपोर्टेशन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए PMMSY और FIDF के तहत 2,797 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए हैं. इसके तहत देश भर में 775 कोल्ड स्टोरेज व आइस प्लांट, 28,489 मछली परिवहन इकाइयां (जैसे आइस बॉक्स वाली मोटरसाइकिलें, ऑटो-रिक्शा और रेफ्रिजरेटेड ट्रक), 1,394 लाइव फिश सेलिंग यूनिट्स, 6,018 फिश कियोस्क और 117 खुदरा व 24 थोक मछली बाजारों का निर्माण किया जा रहा है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

