PoK Protest: हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं, इंकलाब आएगा, कश्मीर हमारा है…ये नारे पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में लग रहे हैं. पीओके के लोग पिछले कई दिनों से शहबाज सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सड़कों पर हैं. जिनकी उठती आवाजों को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना लगातार हिंसक कार्रवाई कर रही है. अब इस मामले में भारत की भी प्रतिक्रिया आई है. भारत ने पाकिस्तान पर मानवाधिकारों का भयावह तरीके से उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत, पीओके में हो रहे पाकिस्तानी सेना के अत्याचार से वाकिफ है. पीओके की ऐसी हालत का जिम्मेदार पाकिस्तान की दमनकारी नीतिया हैं.
#WATCH | Delhi | MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen reports on protests in several areas of Pakistan-occupied Jammu & Kashmir, including brutalities by Pakistani forces on innocent civilians. We believe that it is a natural consequence of Pakistan’s… pic.twitter.com/KGrMfVrwE3
— ANI (@ANI) October 3, 2025
अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा,
हम पाकिस्तान के द्वारा अवैध रूप से कब्जा किये गए जम्मू-कश्मीर के हालात से वाकिफ हैं. पीओके के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे बेगुनाह नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना के तरफ से क्रूरता की जा रही है.
उन्होंने आगे कहा कि हम मानते हैं कि पीओके का यह नतीजा पाकिस्तान के दमनकारी नीतियों और क्षेत्र के संसाधनों को सिस्टमैटिक तरीके से लूट की वजह से है. जिसपर पाकिस्तान जबरन कब्जा किये हुए है.
पाकिस्तान को ठहराया जाय जवाबदेह
रंधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान पीओके में मानवाधिकारों का भयावह तरीके से उल्लंघन कर रहा है. उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिये.
पीओके में क्यों हो रहा प्रदर्शन?
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोग संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी (AAC) की अगुवाई में आंदोलन चला रहे हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी हुकूमत अवैध तरीके से उनके इलाके को लूट रही है. आंदोलनकारियों की मांग है कि बिजली दरों में कमी की जाए, स्थानीय लोगों को हाइड्रोपावर परियोजनाओं में हिस्सेदारी दी जाए, पीओके में जड़ बन चुके भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जाए और आरक्षित सीटों को हटाया जाए.
पीओके में इन्हीं मांगों को लेकर लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. मुजफ्फराबाद, कोटली, मीरपुर, रावलकोट और नीलम घाटी समेत पीओके के बड़े क्षेत्र में प्रदर्शन हो रहे हैं. जिसकी वजह से इलाके में व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है. परिवहन रुक चुका है और जनजीवन पूरी तरह से बेपटरी हो गया है. लोग सड़कों पर उतरकर ‘हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं, कश्मीर हमारा है’ जैसे नारे लगा रहे हैं.
अन्य हिस्सों में भी फैला आंदोलन
पीओके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है. जिसे दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना और पुलिस लगातार हिंसक रूख अपनाए हुई है. अबतक पुलिस की गोली से 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
पीओके से शुरू हुए इस आंदोलन का असर इस्लामाबाद में भी देखने को मिला. जहां वकीलों ने नेशनल प्रेस क्लब में शांतिपूर्ण धरना दिया. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शांतिपूर्ण धरना दे रहे वकीलों पर जमकर लाठीचार्ज किया. इस दौरान पुलिस ने पत्रकारों को भी पीटा.
– भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
