Punjab Farmers Protest: पंजाब के किसान एक बार फिर आंदोलन के लिए तैयार हैं. केंद्र की एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (AKM) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है. इस बार किसानों ने रेल ट्रैकों पर चक्का जाम करने का फैसला लिया है.
रेल ट्रैकों पर जाम
आजाद किसान मोर्चा की अगुवाई में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे राज्य में प्रमुख रेल मार्गों पर चक्का जाम होगा. किसान संगठनों का कहना है कि गेहूं की खरीद में देरी से मंडियों में भारी परेशानी हो रही है. उनका आरोप है कि केंद्र की एजेंसियों की लापरवाही के कारण अनाज मंडियों में पड़ा है लेकिन सरकारी खरीद नहीं हो रही, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं.
आंदोलन से पहले मंत्री का ऐलान
किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा. इस बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने किसानों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल के रंग और आकार में आए बदलाव को देखते हुए भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने खरीद नियमों में ढील देने की सिफारिश की है. उनका कहना है कि किसानों को बाजार में किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े और फसल का हर दाना खरीदा जाए.
किसानों की प्रतिक्रिया अभी अस्पष्ट
हालांकि मंत्री बिट्टू के इस ऐलान पर किसान संगठनों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वे इससे संतुष्ट हैं या नहीं. अब तक की जानकारी के अनुसार किसानों का प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन स्थगित नहीं किया गया है और तय समय पर जारी रहेगा.
विवाद का कारण क्या है?
पूरा विवाद FCI के उन नियमों से जुड़ा है जिनमें गेहूं खरीद से पहले दाने की नमी, रंग और क्वालिटी की जांच की जाती है. पंजाब के किसान संगठन कह रहे हैं कि इस बार मार्च‑अप्रैल में बेमौसम बारिश और फरवरी में असामान्य गर्मी के कारण फसल को नुकसान हुआ है. ऐसे में गेहूं खरीद के नियमों में ढील दी जानी चाहिए.
मंडियों में फसल अटकी
किसान संगठनों का कहना है कि इसी वजह से पंजाब की मंडियों में बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा है लेकिन केंद्र सरकार की एजेंसियां क्वालिटी पर सवाल उठाकर खरीद नहीं कर रही हैं. इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और वे आंदोलन करने को मजबूर हैं.
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पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन गेहूं खरीद में देरी और FCI के सख्त नियमों के खिलाफ है. केंद्रीय मंत्री के ऐलान के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. यह विवाद दिखाता है कि कृषि नीतियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच संतुलन बनाना कितना चुनौतीपूर्ण है.
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-भारत एक्सप्रेस
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