Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘गुरुदेव टैगोर ने अपनी लेखनी से…’, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर नतमस्तक होकर क्या बोले अमित शाह?

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह ने कहा कि टैगोर की लेखनी, ‘जन गण मन’ और विश्व भारती की विरासत आज भी भारत को प्रेरित करती है.

राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के रचयिता, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान दार्शनिक, कवि और विश्वकवि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें कोटि-कोटि नमन कर रहा है. इस ऐतिहासिक और भावुक मौके पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुदेव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए एक कड़क और प्रेरणादायक संदेश साझा किया.

अमित शाह ने लिखा कि गुरुदेव टैगोर ने अपनी सशक्त लेखनी और विचारों से भारत की आत्मा को स्वर दिया और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई चेतना और ऊर्जा का संचार किया.

अमित शाह ने याद दिलाई अमर कृति की ताकत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपने श्रद्धांजलि संदेश में गुरुदेव टैगोर के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि गुरुदेव द्वारा रचित हमारी अमर कृति ‘जन गण मन’ पूरे राष्ट्र की एकात्म चेतना, आत्मगौरव और अखंडता का अमर प्रतीक है.

अमित शाह ने जोर देकर कहा कि विश्व भारती विश्वविद्यालय की स्थापना करके कविगुरु ने भारतीय संस्कृति, दर्शन, शिक्षा और मानवीय मूल्यों के अप्रतिम वैभव को पूरे विश्व पटल पर गर्व के साथ प्रतिष्ठित किया. उनका महान साहित्य आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का एक अक्षय स्रोत बना हुआ है.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी वीडियो विवाद के बीच Meta को बड़ा झटका, कोर्ट ने लगाया ₹5,000 करोड़ का जुर्माना

राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

अमित शाह के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी गुरुदेव टैगोर को नमन किया. दिग्गजों ने याद दिलाया कि वर्ष 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर गुरुदेव ने भारतीय साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाई थी.

उनका मानना था कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का जरिया नहीं बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का आधार है. भारतीय कला, संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानवता को समर्पित गुरुदेव टैगोर का जीवन ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में आज भी हर पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहा है.

-भारत एक्सप्रेस 

 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital