Rajasthan news: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बीमा क्लेम की रकम पाने के लिए एक युवक की हत्या करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी दिनेश पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद ने सुनाया.
ऐसे सामने आया हत्या का मामला
अभियोजन के मुताबिक, पलोदरा गांव निवासी कैलाश कटारा ने 26 दिसंबर 2024 को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई कालू एक दिन पहले घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. बाद में मोर्चरी में मिले शव की पहचान कालू के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
अपनी मौत दिखाने के लिए ली बेगुनाह की जान
जांच के दौरान पुलिस ने गांव के ही दिनेश से पूछताछ की. पूछताछ में उसने बताया कि वह बीमा की रकम हासिल करने के लिए अपनी मौत का झूठा नाटक करना चाहता था. इसके लिए उसने कालू को शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिससे वह बेहोश हो गया.
इसके बाद आरोपी ने कालू को अपने कपड़े पहनाए और सड़क पर लिटाकर उसके ऊपर कई बार कार चढ़ा दी. पहचान छिपाने के लिए उसने सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया, ताकि शव उसकी तरह लगे और मामला सड़क हादसा समझा जाए.
टैटू से हुई मृतक की पहचान
घटना के अगले दिन पुलिस को सड़क पर बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिला. चेहरा पहचानने लायक नहीं था, लेकिन हाथ पर बने टैटू के आधार पर शव की पहचान कालू के रूप में हुई. इसी सुराग से पुलिस आरोपी तक पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ.
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23 गवाह और 98 दस्तावेज बने अहम सबूत
मामले की जांच तत्कालीन सदर थाना प्रभारी एवं अनुसंधान अधिकारी बुद्धाराम विश्नोई ने की. जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की गई. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाहों के बयान और 98 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए. अदालत ने हत्या की साजिश, अपराध की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.
-भारत एक्सप्रेस
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