Mount Abu Renamed Aburaj: राजस्थान का कश्मीर कहे जाने वाले माउंट आबू का नाम बदल गया है. अब इसे अबूराज के नाम से जाना जाएगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की. उन्होंने विधानसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान घोषणा करते हुए बताया कि सरकार 3 शहरों के नाम बदल रही है. ताकि उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान सुरक्षित किया जा सके.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि माउंट आबू का नाम बदलकर अबूराज, जहाजपुर का नाम बदलकर यज्ञपुर और कामां का नाम बदलकर कामवन रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य इन स्थानों से जुड़ी समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है.
जयपुर में बढ़ते यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने द्रव्यवती नदी के किनारे 36 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की भी घोषणा की.
राजधानी में यातायात दबाव होगा कम
प्रस्तावित परियोजना से राज्य की राजधानी में यातायात का दबाव काफी कम होने और शहरी आवागमन में सुधार होने की उम्मीद है. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के लिए 300 नई बसों की खरीद की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि नई बसों के जुड़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों की सुविधा और पहुंच में सुधार होगा.
1.25 लाख पदों पर निकलेगी सरकारी भर्ती
सरकार का लक्ष्य राज्य भर में परिवहन सेवाओं का आधुनिकीकरण और विस्तार करना है. मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्ती के संबंध में भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें बताया गया कि 1.25 लाख नए सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी. नई भर्ती प्रक्रिया का कैलेंडर जल्द ही जारी किया जाएगा.
वीबी-जी-राम-जी रोजगार योजना के तहत, श्रमिकों को अब साप्ताहिक वेतन भुगतान प्राप्त होगा. रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी, और वेतन भुगतान में देरी होने पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा.
इस योजना पर राज्य कोष से लगभग 4,000 करोड़ रुपए का अनुमानित व्यय होगा, और मांग के आधार पर अतिरिक्त आवंटन की संभावना है. पचपदरा में एक प्रमुख कौशल विकास केंद्र का विकास क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
स्थानीय युवा तकनीकी कौशल से होंगे लैस
प्रस्तावित केंद्र पचपदरा और बाड़मेर क्षेत्र में आगामी औद्योगिक परियोजनाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, विशेष रूप से पेट्रोकेमिकल्स, रिफाइनिंग और संबद्ध उद्योगों जैसे क्षेत्रों में.
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इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़े.
-भारत एक्सप्रेस
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