Ram Navami Ayodhya Surya Tilak
राम नवमी के खास मौके पर अयोध्या में रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’ किया गया. शुक्रवार (27 मार्च) दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में सूर्य की किरणें सीधे भगवान रामलला के ललाट पर पड़ीं. यह दृश्य करीब 4 मिनट तक चला और बहुत ही अद्भुत लगा.
वैज्ञानिकों की तकनीक से दिखा ‘सूर्य तिलक’
राम नवमी के पावन अवसर पर रामलला के ‘सूर्य तिलक’ के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया गया, जिसने इस आयोजन को और भी अद्भुत बना दिया. बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने ऐसे आधुनिक उपकरण तैयार किए, जिनकी मदद से सूर्य की किरणों को दर्पण और लेंस के माध्यम से सीधे भगवान रामलला के ललाट तक पहुंचाया गया. यह पूरी प्रक्रिया बेहद सटीक गणना और वैज्ञानिक योजना पर आधारित थी, ताकि निर्धारित समय पर सूर्य की किरणें ठीक भगवान के मस्तक पर पड़ें.

इस शुभ दिन पर रामलला को पीले रंग के वस्त्र पहनाए गए, जो पवित्रता और शुभता का प्रतीक माने जाते हैं. जन्मोत्सव के समय मंदिर के गर्भगृह में 14 विशेष पुजारी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई. पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला.

पीएम मोदी ने किया लाइव दर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भी इस खास अवसर पर रामलला के दर्शन किए. उन्होंने लाइव टीवी के माध्यम से सूर्य तिलक कार्यक्रम को देखा और भगवान राम की पूजा-अर्चना कर देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की.

CM योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को आस्था, आत्मगौरव और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताया. उनके अनुसार, यह सूर्य तिलक लोगों के मन में श्रद्धा, शक्ति और आत्मविश्वास का संचार करता है तथा भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है.
ये भी पढ़ें: महानवमी पर पीएम मोदी ने मां सिद्धिदात्री से मांगी ‘लक्ष्य-सिद्धि’, दिग्गजों ने भी देशवासियों को दीं शुभकामनाएं
राम नवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन के समय में भी बदलाव किया है. अब भक्त सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पावन अवसर का लाभ उठा सकें.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




