Red Fort Blast Shaheen Arrest: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में अबतक 12 लोगों के मौत की खबर है. सोमवार को 6:52 मिनट पर यह धमाका तब हुआ जब ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन रुके हुए थे. धमाका इतना जोरदार था कि इसकी वजह से आसपास की कारों तक के परखच्चे उड़ गए. धमाके के पास कारें ऐसे पड़ी हुई थीं जैसे किसी फिल्म की शूटिंग चल रही हो. इस दिल्ली बम विस्फोट की जांच दिल्ली पुलिस, आईबी और एनआईए जैसी शीर्ष एजेंसियां कर रही हैं. इस मामले में अबतक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब इस मामले की जांच लखनऊ तक पहुंच चुकी है.
दिल्ली में हुए इस भीषण बम विस्फोट में लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद का भी नाम सामने आया है. जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता थी शाहीन
शाहीन कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्मकोलॉजी विभाग में 7 सालों तक प्रवक्ता पद पर कार्यरत रही. साल 2013 में वह बिना सूचना दिये नौकरी से गायब हो गई. विभाग के द्वारा उसे लगातार नोटिस भेजा जाता रहा, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. जिसके बाद साल 2021 में शासन ने उसे बर्खास्त कर दिया.
जानकारी के अनुसार नौकरी जाने के बाद शाहीन फरीदाबाद चली गई. माना जा रहा है कि इसी दौरान वह डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में आई. मुजम्मिल फरीदाबाद के अल फलह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर था. बाद में मुजम्मिल ने ही अपनी महिला मित्र शाहीन को उस यूनिवर्सिटी से जोड़ा था.
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कौन है मुजम्मिल?
जम्मू-कश्मीर पुलिस टीम के साथ मिलकर हरियाणा पुलिस ने फरिदाबाद में एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था. इनकी पहचान अनंतनाग के डॉक्टर आदिल अहमद और पुलवामा के मुजम्मिल शकील के रूप में हुई. इन दोनों ने फरिदाबाद में एक किराये का मकान ले रखा था. जिसमें वो 360 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट के साथ टाइमर और बंदूक रखी थी. ये दोनों आतंकी किसी बड़े वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे.
शाहीन की कार से बरामद हुई एके 47
डॉ. मुजम्मिल अल फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था और यूनिवर्सिटी के कैंपस में रही रहता था. फरिदाबाद पुलिस के अनुसार डॉक्टर मुजम्मिल के पास मिली कार से एक एके 47 बरामद हुई थी. जांच में पाया गया कि यह कार शाहीन की है.

मुजम्मिल ने शाहीन का लिया था नाम
पुलिस के द्वारा गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में मुजम्मिल ने डॉ. शाहीन का नाम लिया था. जिसके बाद पुलिस ने शाहीन को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि शाहीन अपने भाई परवेश के भी संपर्क में थी. जिसके बाद मंगलवार की सुबह 8 बजे यूपी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने परवेश के IMI रोड स्थित घर पहुंची, जहां ताला लगा हुआ था.
एटीएस को शाहीन के घर से बरामद हुआ लैपटॉप
एटीएस ने घर का ताला तोड़कर भीतर गई तो वहां से एक लैपटॉप बरामद की. इस दौरान एटीएस को कई मोबाइल फोन भी घर से बरामद हुए. भारत एक्सप्रेस से बातचीत में डॉ. शाहीन के भाई शोएब ने बताया कि उसकी बहन पढ़ने लिखने में काफी अच्छी थी. हमने कभी भी ऐसा नहीं सोचा था कि कभी कुछ ऐसा होगा.
दिल्ली बम विस्फोट मामले में देश की सुरक्षा एजेंसिया लगातार छापेमारी अभियान चला रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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