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खूफिया डायरी! निशाने पर थे 4 शहर, 8 आतंकी और 2-2 टीम; क्या थी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कमरा नंबर-13 की साजिश?

Red Fort Delhi Blast Case: दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए आतंकी हमले को लेकर नया खुलासा हुआ है. फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कमरा नंबर 13 से कई राज सामने आए हैं.

Red Fort Delhi Blast Case Diary Al Falah University Muzammil Umar

अल-फलाह यूनिवर्सिटी का 'कमरा नंबर 13' था साजिश का अड्डा

Red Fort Delhi Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एक बड़ा और खौफनाक खुलासा हुआ है. फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से चल रही आतंकी साजिश का अड्डा माना जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को यहां से डॉ. मुजम्मिल और आतंकी उमर की एक डायरी मिली है, जिसमें हमले का पूरा खाका दर्ज है. डायरी से पता चला है कि निशाने पर केवल दिल्ली नहीं था. बल्कि, देश के 4 शहरों को एक साथ दहलाने का प्लान था. इसके लिए पूरी प्लानिंग और ट्रेनिंग के साथ 4 टीम बनाई गईं थी, जो एक साथ सीरियल ब्लास्ट करने की तैयारी में थें.

कमरा नंबर 13 था साजिश का अड्डा

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कमरे नंबर 13 से बरामद एक डायरी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है. यह डायरी डॉ. मुजम्मिल और आतंकी उमर की बताई जा रही है, जिसमें बीते दो साल से चल रही एक बड़े धमाके की साजिश (Delhi Blast Case) का पूरा खाका दर्ज है.

जांच में खुलासा हुआ है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 के कमरा नंबर 13 में ही साजिशकर्ताओं की बैठकें होती थीं. यहीं डॉ. मुजम्मिल ठहरा करता था और उमर के साथ मिलकर प्लानिंग करता था. डायरी में 8 से 12 नवंबर के बीच की तारीखों का विशेष तौर पर जिक्र है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.

धमाके की साजिश का पूरा नेटवर्क उजागर (Delhi Blast Plan Exposed)

डायरी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पता चला है कि मुजम्मिल, आदिल और उमर इस नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता थे. इनके साथ शाहीन और उमर नाम के दो अन्य आरोपी यूनिवर्सिटी की लैब से केमिकल निकालकर धौज और तगा इलाके के ठिकानों पर पहुंचाते थे. इन्हीं केमिकल्स की मदद से विस्फोटक तैयार किए जा रहे थे.

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चार शहरों में एक साथ धमाके की योजना

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, कुल आठ संदिग्धों ने चार शहरों में सिलसिलेवार धमाके (Serial Blasts) करने की साजिश रची थ. इसके लिए चार टीमें बनाई गई थीं, प्रत्येक में दो-दो सदस्य शामिल थे. सभी ग्रुप्स को आईईडी (Improvised Explosive Devices) सौंपे गए थे और तय तारीख पर चारों शहरों में एक साथ धमाके करने की योजना थी.

उमर का मूवमेंट और रूट सामने आया

एजेंसियों को अब जैश के संदिग्ध आतंकी उमर का पूरा रूट भी मिल गया है. लाल किला धमाके का आरोपी उमर फरीदाबाद से फरार होकर मेवात होते हुए फिरोजपुर झिरका पहुंचा था. वहां से वह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से दिल्ली की ओर बढ़ा. उसने एक ढाबे पर रात बिताई और कार में ही सो गया. दिल्ली-मुबई एक्सप्रेस-वे के सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुआ है. इसके बाद वह फरीदाबाद के रास्ते बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुआ.

जांच तेज, कई ठिकाने सीज

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कमरे नंबर 13 को सीज कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां अब मुजम्मिल और उमर से जुड़े बाकी नेटवर्क, केमिकल सप्लाई चैन और संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं. सूत्रों का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था, और अगर समय रहते साजिश का पर्दाफाश न होता तो चार शहरों में एक साथ धमाके हो सकते थे.

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डायरी सुलझाएगी दिल्ली ब्लास्ट केस (Delhi Blast Diary)

कमरा नंबर 13 से मिली डायरी न केवल लाल किला धमाके की गुत्थी सुलझाने में मदद करेगी बल्कि 2 साल से सक्रिय 8 आतंकियों के खतरनाक नेटवर्क का भी पर्दाफाश कर सकती है. इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है, क्योंकि अगर समय रहते इस साजिश का पता न चलता तो धमाके देश में तबाही मचा सकते थे. अब एजेंसियों का मुख्य ध्यान बाकी 8 संदिग्धों और केमिकल सप्लाई चेन को जल्द से जल्द पकड़ने पर केंद्रित है, ताकि भारत को अस्थिर करने के इस षड्यंत्र को जड़ से खत्म किया जा सके.



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