जम्मू-कश्मीर में दोषियों की समयपूर्व रिहाई के मामले में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस रिपोर्ट पर फैसला लेने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कोटिश्वर की पीठ एक पूर्व सुरक्षाकर्मी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
समयपूर्व रिहाई का बनाया नीति
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को कैदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए एक नीति बनाने को कहा था. याचिकाकर्ता ने 2006 में तीन सहकर्मियों की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था. वो 18 साल से अधिक समय से जेल में बंद है. उनको तत्कालीन रणबीर दंड संहिता की धारा 302 और शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया गया है.
जम्मू कश्मीर सरकार ने समय से पहले रिहाई को लेकर नीति बनाने की मांग वाली याचिका का विरोध किया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश को संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करने, आवश्यक नीति बनाने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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