रिपोर्ट- कोमल शर्मा
Dattatreya Hosabale on Republic Day: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबले ने संघ कार्यालय केशव कुंज में ध्वजारोहण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, भारतीय संविधान के मूल्यों, प्राचीन परंपराओं और सनातन संत परंपरा की रक्षा का संकल्प लेने का यह दिन है. आज भारत एक यशस्वी लोकतंत्र के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है.
प्रधानमंत्री का भी किया ज्रिक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि भारत की प्राचीन व्यवस्थाएं सच्चे अर्थों में गणराज्य की रचना रही हैं. इसी कारण माननीय प्रधानमंत्री भी कई बार यह उल्लेख करते हैं कि विश्व को गणराज्य की व्यवस्था का आदर्श सिखाने वाला देश हमारा प्रिय भारत है. उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में भारतीय चिंतन, अध्यात्म मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों को अपनाने का प्रण लेना चाहिए.
राष्ट्र कर्तव्य पर दिया जोर
सरकार्यवाहक ने कहा कि संविधान की सुरक्षा, भारत की एकता की रक्षा और देश की सीमाओं की सुरक्षा करना हमारा परम राष्ट्र कर्तव्य है. इन कार्यों में लगे भारतीय सेना, सुरक्षा बल, पुलिस व्यवस्था, सामाजिक-धार्मिक संस्थान और देश की जनता ने अपने-अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भारत की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखा है.
पहले गणतंत्र दिवस को किया याद
संघ की ओर से उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देता है. 26 जनवरी 1950 को इसी दिन भारत गणराज्य बना और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को अपनाया गया. संविधान सभा के अनेक सदस्यों के सहयोग से बने इस श्रेष्ठ संविधान की पवित्रता की रक्षा करना हमारा दायित्व है.
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दत्तात्रेय होसबले ने आगे कहा कि आज का दिन पंचांग के अनुसार अष्टमी भी है. यह एक संयोग है कि जनवरी 1950 में भी अष्टमी ही थी. अब तक कुल चार बार गणतंत्र दिवस के दिन अष्टमी पड़ी है. उन्होंने महाभारत के भीष्म पितामह का उल्लेख करते हुए कहा कि भीष्म ने राज्य धर्म का महत्व समझाया था कि कैसे राजा देश और धर्म की रक्षा करता है.
-भारत एक्सप्रेस
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