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रोहतास में खून की होली! दिनदहाड़े गोलीबारी का वीडियो वायरल; बेगुनाह की मौत के बाद दहशत में गांव

रोहतास जिले के नासरीगंज में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया. धारा 144 लागू होने के बावजूद लाला अतिमी गांव में जमकर पत्थरबाजी और करीब 50 राउंड फायरिंग हुई. इस हिंसा में बीच-बचाव करने आए एक बेगुनाह युवक की गोली लगने से मौत हो गई.

Rohtas Land Dispute

Rohtas Land Dispute: रंजन सिंह / रोहतास: बिहार के रोहतास जिले से एक मामला सामने आया है जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. नासरीगंज थाना क्षेत्र के लाला अतिमी गांव में जमीन के एक टुकड़े के लिए ऐसी जंग छिड़ी कि दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा. इस खूनी खेल का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जो प्रशासन के दावों और मुस्तैदी की पोल खोलकर रख देता है.

बीच-बचाव करते समय युवक की गई जान

हैरानी और दुख की बात यह है कि इस पूरी लड़ाई में जान उसकी गई जिसका विवाद से सीधा लेना-देना भी नहीं था. गांव के 35 वर्षीय अरविंद कुमार झगड़ा शांत कराने और बीच-बचाव करने पहुंचे थे. लेकिन उन्मादी भीड़ और असलहे लहराते बदमाशों को किसी की जान की परवाह नहीं थी. अरविंद को गोली लगी और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और अब पूरे गांव में मातम के साथ-साथ भारी तनाव का माहौल है.

पूरी घटना का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह किसी फिल्मी सीन जैसा डरावना है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लाठी-डंडों से लैस महिलाएं और पुरुष एक-दूसरे पर पत्थर बरसा रहे हैं. इसी बीच कुछ लोग खुलेआम कट्टे से फायरिंग करते दिख रहे हैं. ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि उस दिन करीब 50 राउंड गोलियां चली थीं. हालांकि, पुलिस वीडियो की जांच की बात कह रही है, लेकिन वीडियो में सुनाई दे रही गोलियों की आवाजें हकीकत बयां करने के लिए काफी हैं.

प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

यह पूरा मामला सिस्टम की एक बड़ी नाकामी की ओर इशारा करता है. दरअसल, जिस जमीन को लेकर यह खूनी संघर्ष हुआ, उसका विवाद 2022 से कोर्ट में चल रहा है. वहां धारा 144 लागू थी, यानी प्रशासन की नजर में वह विवादित हिस्सा था और वहां किसी भी गतिविधि पर रोक थी.

अब बड़ा सवाल यह है कि जब जमीन पर धारा 144 लागू थी, तो एक पक्ष ने वहां खेती कैसे कर ली? क्या स्थानीय पुलिस सो रही थी? ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अगर पुलिस और प्रशासन पहले से सजग रहता और कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराता, तो आज एक बेगुनाह मजदूर जिंदा होता.

पुलिस की कार्रवाई

मामला बढ़ने के बाद अब पुलिस एक्शन मोड में है. बिक्रमगंज के अनुमंडल पुलिस अधीक्षक (ASP) संकेत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस मामले में अब तक करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने मौके से तीन कट्टे, छह खोखे और कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. गांव में भारी पुलिस बल तैनात है ताकि दोबारा हिंसा न भड़क जाए.

बता दें कि फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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