Sheopur Flood Relief Scam: श्योपुर/मनोज चौबे: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. मामले की मुख्य आरोपी और तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने उनके ग्वालियर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब अमिता सिंह को महज एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार के पद से हटाया गया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें श्योपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें शिवपुरी की महिला जेल भेज दिया गया है.
बाढ़ पीड़ितों के हक पर ‘डाका’: ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि बाढ़ के दौरान सरकारी खजाने से जो साढ़े दो करोड़ रुपये असली पीड़ितों के लिए निकले थे, उन्हें दस्तावेजों में हेरफेर कर हड़प लिया गया. ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तहसीलदार और पटवारियों के नेटवर्क ने कई काल्पनिक और अपात्र नामों की सूची तैयार की और उनके खातों में मुआवजा राशि डाल दी. इस दौरान असली बाढ़ पीड़ित सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, जबकि सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया गया.
110 आरोपी और 22 पटवारियों पर शिकंजा
- श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस जांच में अब तक कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
- पटवारियों की भूमिका: बड़ौदा थाने में दर्ज एफआईआर में 22 पटवारियों के नाम थे. जांच के बाद इनमें से अधिकांश को जेल भेजा जा चुका है.
- नेटवर्क का पर्दाफाश: पुलिस ने न केवल अधिकारियों, बल्कि उन खाताधारकों को भी सह-आरोपी बनाया है जिनके खातों में यह राशि ट्रांसफर हुई थी और जिन्होंने बाद में पैसे का आहरण किया.
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी से राजस्व विभाग और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है. कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले ही उन्हें विजयपुर तहसीलदार के पद से कार्यमुक्त किया था. पुलिस का मानना है कि अमिता सिंह की गिरफ्तारी से इस घोटाले की कई और परतें खुलेंगी और यह भी पता चलेगा कि इस काली कमाई का हिस्सा और किन-किन बड़े अधिकारियों तक पहुंचा है.
ये भी पढ़ें: धधक उठा पश्चिम बंगाल! मुर्शिदाबाद में पथराव-आगजनी, EC के रडार पर ममता बनर्जी
यह मामला प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है, जहां आपदा के समय भी अफसरों ने अपनी जेबें भरने को प्राथमिकता दी. तहसीलदार की गिरफ्तारी से जनता में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार चाहे कितना भी ऊँचा क्यों न हो, कानून के हाथ वहां तक पहुंच ही जाते हैं. फिलहाल, श्योपुर पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और वित्तीय लेन-देन के तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


