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‘ये तो जुल्म की इंतहा है…’: अपनी ही सरकार की करतूत पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, प्रदर्शन को दिया खुला समर्थन

Shivraj Singh Chouhan: केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रात में कोसमी गांव पहुंचे और वहां का टूटी झोपड़ियां, तबाह की गई फसल और सड़कों पर रात बिता रहे लोगों को देखकर अपनी ही सरकार पर बिफर पड़े. उन्होंने कहा कि ये जिसने भी किया हो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

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अपनी ही सरकार की करतूत पर भड़के शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh Chouhan: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाने का मामला अब केंद्र बनाम राज्य होता जा रहा है. इस घटना की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रात में गांव पहुंचे और वहां का टूटी झोपड़ियां, तबाह की गई फसल और सड़कों पर रात बिता रहे लोगों को देखकर अपनी ही सरकार पर बिफर पड़े. उन्होंने कहा कि ये जिसने भी किया हो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

शिवराज सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि कोसमी गांव में गरीबों की फसलों को बर्बाद किया गया है, उनके घरों को तोड़ दिया गया है और यहां तक की कुएं में मिट्टी डालकर भर दिया गया है. यह तबाही जिसने भी की है उसे बिल्कुल भी छोड़ा नहीं जाएगा.

हैरान करने वाली बात ये है कि रविवार को जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कोसमी गांव पहुंचे थे तब उनके साथ ना तो जिला प्रशासन और ना ही वन विभाग का कोई अधिकारी मौजूद था. यह देखकर चौहान का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने गुस्से में तुरंत भोपाल फोन घुमाया और राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को घटना पर कड़ी नाराजगी जताई.

मुख्यमंत्री मोहन यादव से करेंगे शिकायत

इसके बाद उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बात करके हालात की जानकारी दी. शिवराज ने साफ कहा कि वह इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर बात करेंगे और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त एक्शन की मांग करेंगे.

‘यह तानाशाही है’

प्रशासन के इस बुलडोजर एक्शन पर भड़कते हुए शिवराज ने कहा कि गरीबों के घर उजाड़ने के साथ-साथ उनकी खेतों में मक्के और तुअर की फसलें भी पूरी तरह रौंद दी गईं. हद तो तब हो गई जब कुएं तक को मिट्टी से पाट दिया गया. यह किसी तानाशाही से कम नहीं और बेहद शर्मनाक है.

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हालांकि इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और ऐलान किया कि जिनके भी आशियाने तोड़े गए हैं, उन्हें नए पक्के मकान बनवाकर दिए जाएंगे. साथ ही जब तक परमानेंट व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम सरकार की तरफ से तुरंत किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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