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मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) हाल ही में एक पॉडकास्ट शो में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने जून‑जुलाई में जंतर‑मंतर पर हुए छात्र आंदोलन, अपने 26 दिन लंबे अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े रिश्तों पर विस्तार से चर्चा की.
राहुल गांधी से अनशन तुड़वाने का था प्लान
वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने बताया कि आंदोलन के दौरान यह सवाल उठ रहा था कि अनशन को खत्म कैसे किया जाए? 15वें‑16वें दिन एक एग्जिट स्ट्रैटेजी पर विचार हुआ. उन्होंने कहा कि संसद मार्च की योजना बनाते समय यह सोचा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथों से अनशन तुड़वाना एक मजबूत संदेश होगा. योजना थी कि वे संसद जाकर राहुल गांधी को अपनी मांगें सौंपें और उनके हाथों जूस या सूप पीकर अनशन समाप्त करें. हालांकि 18 जुलाई को उन्हें जंतर‑मंतर से जबरन हटाया गया और यह रणनीति पूरी नहीं हो सकी.
आमिर खान के बयान पर वांगचुक का पलटवार
शो में वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) और सलमान खान (Salman Khan) की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी. आमिर खान ने कहा था कि फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ की शूटिंग के दौरान वे वांगचुक को जानते तक नहीं थे. इस पर वांगचुक ने तंज कसते हुए कहा कि यह बयान वास्तविकता से दूर है. वहीं सलमान खान ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की थी जिस पर वांगचुक ने अपनी स्थिति स्पष्ट की और बताया कि वे आंदोलन को लेकर दबाव में थे लेकिन कुछ और दिन अनशन जारी रखने के लिए तैयार थे.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर खत्म हुआ आंदोलन
जंतर‑मंतर पर छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन किया था. उनकी मुख्य मांग तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और इसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ.
मार्च में लाख लोगों के आने की उम्मीद
वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने बताया कि संसद मार्च के लिए उनकी टीम को हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद थी. आशुतोष रांका ने 10 हजार और सौरव दास ने 15 हजार लोगों के आने का अनुमान लगाया था जबकि खुद वांगचुक को विश्वास था कि एक लाख लोग शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष से ज्यादा उम्मीद नहीं थी लेकिन वे अपनी मांगें विपक्षी सांसदों तक पहुंचाना चाहते थे.
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वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने साफ किया कि उनका आंदोलन केवल छात्रों की आवाज को संसद तक पहुंचाने के लिए था. उन्होंने यह भी कहा कि अनशन खत्म करने की योजना विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथों से जुड़ी थी ताकि संदेश और भी मजबूत हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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