भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी सुरक्षा
India-Nepal Border: नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रोक के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. काठमांडू में सोमवार को हजारों की संख्या में जेन-जेड लड़के और लड़कियां सड़कों पर उतर आए. उन्होंने संसद भवन में भी घुसकर जमकर बवाल किया. हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार भी की. बवाल के बीच भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमा पर अतिरिक्त जवान और सर्विलांस तैनात किए हैं.
क्यों हो रहा है विरोध?
नेपाल सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया ऐप्स को लेकर एक नया कानून लागू किया है, जिसके तहत सभी कंपनियों को नेपाल में ऑपरेशन के लिए एक स्थानीय कार्यालय बनाना होगा और टैक्सपेयर के रूप में रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा. इस नियम का पालन न करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.
नेपाल के बवाल पर भारत अलर्ट
भारत ने सावधानी बरतते हुए अपनी सीमा सुरक्षा और चौकसी को और मजबूत कर दिया है. SSB ने सीमा पर अतिरिक्त ट्रूप्स और सर्विलांस तैनात किए हैं. फोर्स की ओर से जवानों को अधिक अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. क्योंकि, प्रदर्शन वाले स्थान और भारत के बॉर्डर में कोई खासा अंतर नहीं है.
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नेपाल सरकार का तर्क
सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाने के पीछे का कारण बताया है कि ये प्लेटफॉर्म्स निर्धारित समय सीमा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए. सरकार का कहना है कि यह कदम नेपाल सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि घरेलू और विदेशी सभी ऑनलाइन और सोशल प्लेटफॉर्म्स का आधिकारिक पंजीकरण जरूरी है.
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