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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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Surendra Koli

देशभर में चर्चित रहे 2006 के निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित एक चाय की दुकान पर फंदे से लटक कर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

निठारी कांड में सुरेंद्र पंढेर के बाद अब सुरेंद्र कोली भी रिहा हो गया है । ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर 16 बच्चियों की हत्या किसने की थी? सवाल ये भी है कि क्या जांच एजेंसियों ने किसी को बचाने की कोशिश की थी? इस पूरे मामले पर हमारे विशेष संवाददाता देवनाथ ने निठारी पीड़ितों के वकील खालिद ख़ान से बातचीत की । खालिद का बिस्फोटक खुलासा देखिए भारत एक्सप्रेस पर

सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड मामले में दोषी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने रिम्पा हलदर हत्या मामले में कोली को बरी कर दिया हैं. कोर्ट ने दोषसिद्धि को रद्द करने का आदेश दिया हैं

सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड मामले में दोषी सुरेंद्र कोली की ओर से दायर क्यूरेटिव याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषसिद्धि केवल एक बयान और रसोई के चाकू की बरामदगी के आधार पर की गई थी.

Nithari Case: सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड में आरोपी सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर के खिलाफ CBI की अपील खारिज कर दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई बरी की सजा को बरकरार रखा गया है.

बता दें कि साल 2005 से 2006 में नोएडा में हुए निठारी केस में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, बलात्कार और सबूत मिटाने के मामले में आरोपी बनाया था, जबकि मनिंदर सिंह पंढेर को मानव तस्करी का भी आरोपी बनाया गया था.

अदालत ने कहा कि इस केस की जांच में गड़बड़ी हुई और नियमों का 'बेशर्मी से उल्लंघन' किया गया. हाईकोर्ट ने कहा कि एजेंसियों का लापरवाही जन आस्था के साथ धोखे से कम नहीं हुआ है.