बीजेपी सांसद तरुण चुघ
पंजाब में ड्रग्स और बिगड़ती कानून-व्यवस्था (Punjab Law and Order) के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ (Tarun Chugh) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को एक सनसनीखेज चिट्ठी लिखी है. इस पत्र में उन्होंने पंजाब सरकार पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को “राजनीतिक संरक्षण” देने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच CBI और NIA से कराने की बड़ी मांग की है.
धरने में ‘गैंगस्टर’, पार्टी में ‘जेल ब्रेक’ का दोषी (CBI NIA probe in Punjab)
गैंगस्टर कमल बोरी की मौजूदगी: चुघ ने बताया कि 1 सितंबर को अमृतसर में उनके आवास के बाहर आम आदमी पार्टी द्वारा एक धरना दिया गया था, जिसमें कथित गैंगस्टर कमल बोरी मौजूद था. इस मामले में उन्होंने पंजाब के DGP गौरव यादव को भी पत्र लिखकर दृश्य साक्ष्य (Video Evidence) सुरक्षित रखने और समयबद्ध जांच की मांग की है.
नाभा जेल ब्रेक का दोषी AAP में: चुघ ने गुरप्रीत सिंह सेखों को AAP में शामिल किए जाने पर तीखा सवाल उठाया. सेखों 2016 के बहुचर्चित नाभा ‘हाई-सिक्योरिटी जेल ब्रेक’ मामले में दोषी है, जिसे मार्च 2023 में 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी है.
‘2 साल में 21 हमले, थानों पर दागे गए रॉकेट’ ( Tarun Chugh demands CBI NIA probe in Punjab)
गृह मंत्री को लिखे पत्र में चुघ ने पंजाब की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में पंजाब में 21 से ज्यादा बड़े हमले हुए हैं, जिनमें पुलिस थानों पर रॉकेट लॉन्चर (RPG) और ग्रेनेड से किए गए हमले भी शामिल हैं. उन्होंने संगरूर के मोहंजीत सिंह और गुलजार सिंह (नशा विरोध में आत्महत्या) से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया.
चुनाव से पहले स्वतंत्र माहौल की मांग (Punjab assembly elections security)
तरुण चुघ ने स्पष्ट किया कि सीमा पार से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के बीच अपराध, ड्रग्स नेटवर्क और राजनीति के ‘नापाक गठजोड़’ की जांच होना बेहद जरूरी है. पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने राज्य में “स्वतंत्र, भयमुक्त और निष्पक्ष” माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. अब देखना यह है कि दिल्ली से इस हाई-प्रोफाइल शिकायत पर क्या कड़ा एक्शन लिया जाता है.
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