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खाद्य और दवाओं की गुणवत्ता पर अब एक साथ नकेल! तेलंगाना ने गठित की ‘TG SAFE’ अथॉरिटी, IPS अविनाश मोहंती बने कमिश्नर

Telangana News: तेलंगाना सरकार ने खाद्य सुरक्षा विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग को मिलाकर एक ही प्रशासन के तहत लाने का फैसला किया है. इसे टीजी सेफ- तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स कहा जाएगा.

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Telangana News: तेलंगाना सरकार ने खाद्य सुरक्षा विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग को मिलाकर एक ही प्रशासन के तहत लाने का फैसला किया है. इसे टीजी सेफ- तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स कहा जाएगा.

स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग ने एक सरकारी आदेश जारी करके यह नया निकाय बनाया है.

इस आदेश के अनुसार, एकीकृत प्रशासन ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ और ‘दवा और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940’ के तहत कानूनी प्रावधानों को बनाए रखेगा. संबंधित कानूनी अधिकारी और कर्मचारी संबंधित कानूनों के अनुसार स्वतंत्र रूप से अपनी शक्तियों का प्रयोग करते रहेंगे.

आईपीएस अविनाश मोहंती बने टीजी सेफ के आयुक्त

तेलंगाना में औषधि नियंत्रण प्रशासन के महानिदेशक के रूप में तैनात रहे आईपीएस अधिकारी अविनाश मोहंती को टीजी सेफ का आयुक्त नियुक्त किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए एक अलग आदेश जारी किया है.

स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तेलंगाना में लाइसेंस प्राप्त खाद्य व्यापार कार्यों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, असुरक्षित, नकली और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों और दवाओं को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ और ‘दवा और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940’ के तहत अनुपालन और प्रवर्तन को मजबूत करने की आवश्यकता है.

साल 1981 से स्वतंत्र काम कर रहा था दवा नियंत्रण विभाग

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के अधीन काम करने वाला खाद्य सुरक्षा विभाग और 1981 से स्वतंत्र रूप से काम कर रहा दवा नियंत्रण विभाग, लाइसेंसिंग, निरीक्षण, नमूनाकरण, परीक्षण और प्रवर्तन के माध्यम से खाद्य पदार्थ, दवाएं और प्रसाधन सामग्री को विनियमित करते हैं.

खाद्य और दवा विभागों का एक ही प्रशासनिक ढांचे में विलय, जिससे कानूनी भूमिकाओं को बढ़ावा मिलता है और समन्वय, निगरानी और नियामक परिणामों में सुधार होता है, देश के कई राज्यों में पहले ही सफलतापूर्वक अपनाया जा चुका है.

आदेश में कहा गया है,

खाद्य सुरक्षा विभाग और दवा नियंत्रण विभाग के सार्वजनिक स्वास्थ्य, उपभोक्ता सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन और प्रभावी नियामक प्रवर्तन से संबंधित साझा उद्देश्य हैं. निगरानी, ​​खुफिया जानकारी, प्रवर्तन, कानूनी सहायता और नियामक परिणामों में सुधार के लिए एक एकीकृत प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता है. सरकार ने सावधानीपूर्वक जांच के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग और दवा नियंत्रण विभाग के लिए एक एकीकृत प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने का निर्णय लिया है.

एकीकृत प्रशासन के तहत दवा प्रशासन, खाद्य सुरक्षा, प्रवर्तन, कानूनी और अभियोजन, प्रयोगशाला और प्रशासनिक विंग काम करेंगे.

फूड सेफ्टी एक्ट को लागू करने के लिए बनाई जाएगी समिति

खाद्य व्यवसायों और दवा प्रतिष्ठानों में बढ़ती विविधता को देखते हुए, सरकार को बिना किसी प्रवर्तन अंतराल के आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस हो रही है. ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ और ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ को लागू करने के मौजूदा तरीकों की समीक्षा के लिए एक राज्य-स्तरीय समिति बनाई जाएगी.

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इस समिति का काम एक एकीकृत अथॉरिटी का व्यापक मूल्यांकन करना होगा. इसमें सिस्टम को आधुनिक बनाने, सर्विस नियमों में एकरूपता लाने, कानूनी कर्तव्यों के लिए सही कैडर संख्या तय करने, टेस्टिंग और कानूनी मदद के साथ प्रभावी ढंग से नियम लागू करने, इंटेलिजेंस और डेटा-विश्लेषण सिस्टम बनाने, और फील्ड यूनिट व लेबोरेटरी सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा. इस तरह, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनाए जाने वाले सबसे अच्छे तरीकों के अनुरूप एक गुणवत्तापूर्ण और टेक्नोलॉजी-आधारित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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