Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

विधेयकों को मंजूरी में देरी को लेकर तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 7 फरवरी को सुनवाई करेगा, पढ़ें पूरा मामला

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की विफलता होगी, जबकि राज्यपाल के पास विधेयक को मंजूरी देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

Supreme Court

विधेयकों को मंजूरी में देरी को लेकर दायर तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 7 फरवरी को सुनवाई करेगा. जस्टिस जे. बी पारदीवाला और आर. महादेवन की बेंच तमिलनाडु सरकार की ओर से दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसा नहीं चल सकता, लोग पीड़ित है, राज्य पीड़ित है.

वही तमिलनाडू सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि लोग सबसे शक्तिशाली लोगों के जनादेश को लागू करना सरकार का काम है. लेकिन राज्यपाल रास्ते में खड़े है जिसके चलते फाइलें महीनों और सालों से अटकी हुई है. तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा है कि राज्यपाल आरएन रवि का विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को दूसरी बार भी मंजूरी नही देना देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की विफलता होगी.

राज्यपाल की मंजूरी ना देना लोकतांत्रिक विफलता

उन्होंने यह भी कहा था कि कानून के मुताबिक जब राज्य की विधानसभा कोई विधेयक पारित करती है, तो राज्यपाल उसे दोबारा विचार करने के लिए भेज सकते हैं. लेकिन अगर वही विधेयक फिर से विधानसभा से पारित होकर राज्यपाल को भेजा जाता है, तो राज्यपाल के पास मंजूरी देने के अलावा कोई विकल्प नही होता. यह हमारे संवैधानिक ढांचे में तय प्रक्रिया है.

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने का विकल्प पहली बार में ही तय किया जाना चाहिए था और इसे बाद में नहीं किया जा सकता है. सिंघवी ने कहा कि विधेयक के दोबारा पारित होने और राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद, उनके पास मंजूरी देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था और दूसरी बार में वह विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए नही रख सकते थे.

ये भी पढ़ें: उत्तराखंड दौरे पर CM YOGI, गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में 100 फीट ऊंचे तिरंगा पार्क का किया अनावरण

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital