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Amritpal Singh: 80,000 सुरक्षाकर्मी थे, फिर अमृतपाल सिंह कैसे फरार हो गया? पंजाब पुलिस को हाईकोर्ट की फटकार

High Court on Punjab Police: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Hariyana High Court) ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के फरार होने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है. उच्च न्यायालय ने इस मामले में पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. इस बीच कोर्ट ने इसके लिए इंटेलिजेंस एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया. कोर्ट ने कहा कि अमृतपाल का फरार होना इंटिलेसिजेंस की बड़ी नाकामी है.

कोर्ट ने कहा, “आपके पास 80,000 सुरक्षाकर्मी हैं. ऐसे में अमृतपाल सिंह कैसे फरार हो गया? यह राज्य पुलिस की इंटेलिजेंस की बड़ी नाकामी है.” गौरतलब है कि पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह के साथ-साथ उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के नेताओं और सदस्यों की गिरफ्तारी में जुटी है.

अमृतपाल को पकड़ने में पुलिस अभी तक नाकाम

शनिवार को पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों के खिलाफ गिरफ्तारी का विशेष अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस ने अमृतपाल के 78 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन, अमृतपाल भागने में सफल रहा है. शनिवार से पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन लुक्का-छिप्पी का खेल जारी है.

यह भी पढ़ें-   Amritpal Singh: खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश जारी, चाचा को लेकर डिब्रूगढ़ जेल पहुंची पंजाब पुलिस, दो और साथियों पर लगेगा NSA

अमृतपाल को दी जा रही ‘भिंडरावाले 2.O’ की संज्ञा

अमृतपाल पहले दुबई में रहता था और पिछले साल ही उसका वर्चस्व पंजाब में देखने को मिला. इस दौरान उसने अपनी इमेज बिल्कुल ही खालिस्तानी (Khalistan) और अलगाववादी नेता जनरैल सिंह भिंडरावाले की तरह बनाया. अलगाववाद को अमृतपाल ने उसी तरह से हवा देनी शुरू की जैसे 80 के दशक में भिंडरावाले ने दी थी. लिहाजा, उसकी तक़रीरों को सुनकर उसे ‘भिंडरावाले 2.O’की संज्ञा दी जा रही है.

समर्थकों संग अमृतपाल ने पुलिस थाने पर किया था हमला

पिछले दिनों जब अमृतपाल ने अमृतसर (AmritSar) के अजनाला (Ajnala) में पुलिस थाने पर अपने समर्थकों के साथ कब्जा किया और पुलिस को खुलेआम चुनौती दी तब सभी के कान खड़े हुए. इतना ही नहीं पिछले एक महीने के दौरान इसने कई बड़ी हस्तियों को धमकी भी दी. जिसमें गृह मंत्री अमित शाह का पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और भगवंत मान का पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की तरह हश्र करने की बात कही थी. गौरतलब है कि इन दोनों नेताओं का खालिस्तानी आतंकियों ने हत्या कर दी थी.

– भारत एक्सप्रेस

Rahul Singh

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