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आज 28 अप्रैल है और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग इस वक्त सूरज की बेहिसाब तपिश झेल रहे हैं. सुबह के 10 बजते ही ऐसा लगता है मानो बाहर लू के थपेड़े नहीं, बल्कि भट्टी की गर्मी चल रही हो. लेकिन इस भीषण ‘टॉर्चर’ के बीच मौसम विभाग ने एक ऐसी खबर दी है, जो आपको राहत की सांस लेने पर मजबूर कर देगी. एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसकी वजह से अगले 3 दिनों तक देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू होने वाला है.
दिल्ली-NCR: धूल भरी आंधी और बारिश का ‘येलो अलर्ट’
राजधानी दिल्ली में सोमवार रात को ही मौसम ने अपनी करवट दिखा दी थी, जब तेज धूल भरी आंधी ने लोगों को चौंका दिया. मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार से गुरुवार तक दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
खासकर 29 अप्रैल को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. फिलहाल दिल्ली का पारा 42 डिग्री के पार है, लेकिन बारिश के बाद इसमें 3 से 4 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है. हालांकि, हवा में नमी बढ़ने की वजह से आपको ‘आभासी गर्मी’ यानी उमस (Humidity) का सामना करना पड़ सकता है.
उत्तर प्रदेश: अब मिलेगी राहत
यूपी के बांदा ने तो इस बार सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं. सोमवार को बांदा 47.6 डिग्री सेल्सियस के साथ न केवल प्रदेश, बल्कि देश का सबसे गर्म शहर रहा. आगरा, प्रयागराज और हमीरपुर में भी पारा 44 डिग्री के पार बना हुआ है. लेकिन अब यहां भी मौसम ‘यू-टर्न’ लेने वाला है.
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के मुताबिक, मंगलवार से प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक और बारिश की संभावना है. पश्चिमी यूपी के करीब 15 जिलों, जिनमें अलीगढ़, मथुरा, आगरा और मेरठ शामिल हैं, वहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. 30 अप्रैल तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा, जिससे लू से फौरी राहत मिल जाएगी.
मध्यप्रदेश: खजुराहो का 10 साल का टूटा रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में भी गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है. पर्यटन नगरी खजुराहो में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया, जो पिछले एक दशक का सबसे ऊंचा स्तर है. विदिशा, सागर और दमोह जैसे जिले भी भीषण लू की चपेट में हैं.
लेकिन भोपाल मौसम केंद्र ने सुकून देने वाली खबर दी है. एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की वजह से ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई जिलों में मंगलवार से आंधी और बारिश का अलर्ट है. विशेषज्ञों का मानना है कि 28 अप्रैल से लू का असर कम होने लगेगा और तापमान में धीरे-धीरे 2 डिग्री तक की गिरावट आएगी.
बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों का हाल
बिहार के किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान आंधी और बिजली गिरने की संभावना है. वहीं, राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में अभी भी पारा 45-46 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन वहां भी 29 अप्रैल के आसपास हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है.
हरियाणा के नारनौल और पंजाब के बठिंडा में भी लू का प्रकोप जारी है, पर पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहां भी 30 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के सिक्किम जैसे इलाकों में तो पूरे सप्ताह बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान जताया गया है.
क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो अब उत्तर-पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है. यही कारण है कि मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चल रही है. इसे ‘प्री-मानसून’ बारिश भी कहा जा सकता है, जो अक्सर अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में गर्मी से राहत देने आती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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