त्रिपुरा बॉर्डर पर BSF जवानों पर हमला
Tripura BSF Attack: त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े इलाके में सोमवार को उस समय तनाव फैल गया, जब कथित तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमला कर दिया. इस घटना में तीन जवान घायल हो गए. आरोप है कि हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की भी कोशिश की. इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद एक सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया. घटना के बाद पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया.
बॉक्सानगर के अशाबाड़ी इलाके में हुई घटना
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला सोमवार सुबह सिपाहीजाला जिले के बॉक्सानगर स्थित अशाबाड़ी इलाके में सामने आया. बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर मौजूद BSF जवानों और कथित तस्करों के एक समूह के बीच टकराव हो गया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि जवानों के साथ मारपीट शुरू हो गई, जिसमें तीन BSF कर्मियों को चोटें आईं.
जवानों के हथियार छीनने का आरोप
घटना के दौरान आरोपियों ने घायल जवानों से हथियार छीनने का भी प्रयास किया. हालांकि, इस कोशिश में वे कितने सफल हुए या पूरी घटना किस तरह हुई, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं.
सरकारी वाहन को भी बनाया निशाना
हमले के दौरान उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. मौके पर मौजूद एक सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई. वाहन को हुए नुकसान की तस्वीरों और रिपोर्टों के बाद प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है.
कहासुनी से शुरू हुआ मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आशाबारी ग्राम पंचायत के आसपास स्थानीय लोगों और आशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर तैनात BSF जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. यह इलाका BSF की 49वीं बटालियन के अधिकार क्षेत्र में आता है. शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पूरा विवाद कथित तस्करी से जुड़े एक मामले के बाद शुरू हुआ.
एक व्यक्ति के घायल होने से भड़के लोग
सूत्रों के अनुसार बहस के दौरान एक BSF जवान ने कथित तौर पर हेफजुर रहमान नामक व्यक्ति पर लाठी चला दी, जिससे वह घायल हो गया. इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में नाराजगी बढ़ गई. देखते ही देखते लोग बड़ी संख्या में जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
सड़क जाम होने से ठप हुई आवाजाही
स्थानीय लोगों के गुस्से का असर जल्द ही इलाके की यातायात व्यवस्था पर भी दिखा. आक्रोशित भीड़ ने बोक्सानगर-रहीमपुर मार्ग को जाम कर दिया. सड़क बंद होने की वजह से वाहनों की आवाजाही रुक गई और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
मौके पर पहुंचे अधिकारियों पर भी हमला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रहीमपुर BOP के असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार जब अपने सहयोगियों के साथ हालात संभालने पहुंचे तो भीड़ उनके खिलाफ भी आक्रामक हो गई. आरोप है कि लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया और वाहन में तोड़फोड़ की. इसके बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए.
अतिरिक्त जवानों के पहुंचने पर बढ़ा टकराव
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए BSF के अन्य जवान भी मौके पर पहुंच गए. इसके बाद स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव और बढ़ गया. दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
चार लोग हुए घायल
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार समेत कुल चार लोग घायल हुए. घायलों को सबसे पहले बोक्सानगर प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया. इलाज के बाद सभी को आगे की प्रक्रिया के लिए उनके गंतव्य की ओर भेज दिया गया.
मामले में दर्ज हो सकता है केस
सूत्रों का कहना है कि इस घटना से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की संभावना है. जांच एजेंसियां घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं. पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर अतिरिक्त जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जताई नाराजगी
BSF जवानों पर हुए हमले को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए घटना की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद गंभीर बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तेज और कठोर कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाना जरूरी है.
जवानों की सुरक्षा पर दिया जोर
अपने बयान में माणिक साहा ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान सम्मान और सुरक्षा दोनों के हकदार हैं. ऐसे सुरक्षा कर्मियों पर हमला पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सुरक्षाबलों की सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित की जाए.
सोशल मीडिया X पोस्ट में क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि अशाबाड़ी में BSF के बहादुर जवानों पर उपद्रवियों द्वारा किया गया हमला बेहद निंदनीय है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें-‘मैं कोई दाऊद इब्राहिम नहीं’, RJD सांसद ने पूर्व IPS पर किए तगड़े खुलासे, बिहार में क्यों आया सियासी भूचाल?
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
फिलहाल इस पूरे मामले में कई अहम जानकारियां सामने आना बाकी हैं. घायल तीनों BSF जवानों की मौजूदा स्थिति, हथियार छीनने की कोशिश में हमलावर कितने सफल रहे और आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




