झारखंड और बिहार पुलिस को लंबे समय से परेशान कर रहा कुख्यात अपराधी उत्तम यादव (Uttam Yadav) आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. हजारीबाग और चतरा पुलिस की संयुक्त टीम ने सिमरिया थाना क्षेत्र में इस कार्रवाई को अंजाम दिया. बिहार सरकार ने उत्तम पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी तलाश काफी समय से चल रही थी.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों की माने तो उत्तम यादव के बैगा-जाबड़ा रोड पर आने की गुप्त जानकारी मिली थी. इसी आधार पर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की. जैसे ही उत्तम बाइक पर सवार होकर पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की. लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां उसके सीने, पेट और जांघ में लगीं. उसे तुरंत चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटनास्थल से हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार और बाइक भी बरामद की है. बताया जा रहा है कि उत्तम नेपाल में छिपकर अपराध की दुनिया में सक्रिय था। लेकिन नेपाल में हालिया राजनीतिक अस्थिरता के चलते उसे वहां से भागना पड़ा और वह झारखंड लौट आया. जैसे ही उसकी खबर मिली पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में निगरानी शुरू की और उसे ढेर कर दिया.
इसे भी पढ़ें-महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का एक्स अकाउंट हैक, पाकिस्तान-तुर्की के झंडे वाली तस्वीरें पोस्ट
लोगों ने ली राहत की सांस
उत्तम यादव की मौत के बाद चतरा और हजारीबाग के जमीन कारोबारी, बड़े व्यापारी और स्वर्ण व्यवसायी राहत की सांस ले रहे हैं. पिछले कुछ महीनों से वह इन लोगों को धमकाकर जबरन वसूली करता था जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ था. अब उसकी मौत के बाद लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



