गुजरात के सोमनाथ में उर्स की अनुमति देने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. याचिका में गिर सोमनाथ जिले में ध्वस्त की जा चुकी दरगाह पर एक से तीन फरवरी तक उर्स आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि मुख्य मामले को सुने बिना आवेदन में प्रार्थना को स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
सरकारी भूमि पर अब कोई दरगाह नहीं
गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सोमनाथ के पास सरकारी भूमि पर अब कोई दरगाह नहीं है. जमीन सरकार के कब्जे में है. उस पर किसी भी गतिविधि की इजाजत नही दी जा सकती है. एसजी ने यह भी कहा कि उक्त भूमि पर किसी भी गतिविधियों की अनुमति नही दी जा सकती है. एसजी ने पुरातत्व विभाग के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि विभाग ने कहा था कि 2023 में.इस विध्वंस से पहले उन्होंने एकसर्वेक्षण किया था और विभाग को कोई पुरातात्विक स्मारक नही मिला था.
एक साल पहले इस बारे में विस्तृत कार्रवाई हुई थी. वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उक्त जमीन पर एक दरगाह था, जिसे प्राधिकरण ने ध्वस्त कर दिया. उन्होंने कहा कि दरगाह पर उर्स उत्सव मनाने की परंपरा पिछले कई वर्षों से जारी है, लेकिन इस बार अधिकारियों ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है. हालांकि याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से कम से कम 2 लोगों के एकत्र होने की अनुमति देने का अनुरोध किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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