Congress Vande Mataram Controversy: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न उस वक्त भारी राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया, जब नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) का गायन हुआ. एक वायरल वीडियो में कांग्रेस के दिग्गज नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कथित तौर पर पूरा वंदे मातरम गाए जाने के दौरान ‘असहज’ और ‘परेशान’ नजर आए.
वीडियो में राहुल और सोनिया गांधी गायन को बीच में रोकने का इशारा करते दिखे. इसी वीडियो ने भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलने का ‘ब्रह्मास्त्र’ दे दिया है.
वंदे मातरम गाते कैडर और रोकने का इशारा (Congress Headquarters Vande Mataram)
वायरल वीडियो के अनुसार, जब कांग्रेस कार्यकर्ता ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती हिस्से (जो आमतौर पर गाया जाता है) से आगे बढ़ गए और पूरा गीत गाने लगे, तब राहुल और सोनिया गांधी ने इसे रोकने का संकेत दिया. हालांकि, कांग्रेस सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई ने हस्तक्षेप करते हुए गायन पूरा करवाया. कार्यक्रम के बाद दोनों दिग्गज नेताओं को देसाई से इस मुद्दे पर बातचीत (नाराजगी) करते हुए भी देखा गया.
कांग्रेस दफ्तर में आज पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजने लगा तो सोनिया गांधी जी को दिक्कत होने लगी ?
1:33 पर देखें, इशारों से शायद वह इसे रोकने के लिए कह रही थीं।
फिर किसी ने आकर बताया कि अब कानून बन गया है, इसलिए अधूरा गान नहीं कर सकते। pic.twitter.com/T3bibtsyzg— Social Tamasha (@SocialTamasha) August 15, 2026
BJP ने कांग्रेस को किया टारगेट (Mataram Controversy On Independence Day)
इस घटनाक्रम के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर ‘तुष्टीकरण’ और राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए ताबड़तोड़ हमले किए. विनोद तावड़े ने एक्स (X) पर लिखा कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिम लीग के सामने झुककर वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांट दिया, जिससे देश का बंटवारा हुआ. आज फिर ये इसे असली रूप में गाने से मना करके देश को बांटने की साजिश कर रहे हैं.
वहीं इस मामले में गजेंद्र सिंह शेखावत ने तंज कसा और कहा कि इनके कैडर गाना चाहते हैं, लेकिन इटली में जन्मी सोनिया गांधी राष्ट्रीय गौरव से असहज हैं और राहुल गांधी विदेशी लिबरल नैरेटिव चलाने के लिए इसे रोकने दौड़ पड़ते हैं. जबकि, शाहनवाज हुसैन और बीएल संतोष ने भी इस घटना को कांग्रेस की ‘गुलामी की सोच’ और ‘बदल न सकने वाली मानसिकता’ करार दिया.
कांग्रेस ने किया पलटवार (BJP Attacks Congress Over Vande Mataram)
बीजेपी के चौतरफा हमलों के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कोई विवाद नहीं था; सोनिया गांधी दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठने का इशारा कर रही थीं क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे.
1937 की वो ऐतिहासिक बैठक
जयराम रमेश ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए 28 अक्टूबर 1937 की कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक का ऐतिहासिक हवाला दिया. उन्होंने बताया कि उस वक्त गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने ही सलाह दी थी कि कांग्रेस की बैठकों में ‘वंदे मातरम’ की केवल शुरुआती पंक्तियां ही गाई जाएं. जयराम ने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी पुरानी परंपरा का पालन कर रही है. फिलहाल, राष्ट्रभक्ति के इस सबसे बड़े पर्व पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज ने सियासत का पारा चरम पर पहुंचा दिया है.
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