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Varanasi: बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए नहीं देना होगा कोई पैसा, मंडलायुक्त ने कहा- “फेक न्यूज पर न दें ध्यान”

Kashi Vishwanaths: एक-दो दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के लिए शुल्क देना होगा. इसी के साथ ये भी बताया जा रहा है कि शुल्क 500 से 1000 रुपए हो सकता है.

Varanasi

काशी विश्वनाथ मंदिर

Edited by Nitish Pandey

Varanasi: द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी के बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पैसा नहीं देना होगा. इस सम्बंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने अपने बयान जारी किए हैं और सोशल मीडिया पर वायरल एक खबर का खंडन करते हुए कहा है कि स्पर्श दर्शन के लिए कोई शुल्क लेने का निर्णय नहीं किया गया है फेक न्यूज पर ध्यान न दें.

बता दें कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के लिए शुल्क देना होगा. मंदिर प्रशासन इस सम्बंध में जल्द ही शुल्क व्यवस्था लागू कर देगा. इसी के साथ फेक न्यूज में ये तक दावा किया गया है कि मंदिर में 500 से 1000 रुपए का शुल्क लगाया जा सकता है और मंदिर न्यास परिषद की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई है. यानी तय समय के बाद जो भी स्पर्श दर्शन करना चाहेंगे, उनको शुल्क देना होगा. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर राजनीति शुरू हो गई है.

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वहीं, इस सम्बंध में सोमवार को देर शाम मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि ऐसा कोई निर्णय श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट द्वारा नहीं लिया गया है. ट्रस्ट की बैठक हुए भी 20 दिन बीत चुके हैं. यह फेक न्यूज है. किसी भी श्रद्धालु को ऐसी फेक न्यूज को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है. ऐसा कोई निर्णय भविष्य में अगर होगा तो उसकी जानकारी दी जाएगी.

मंडलायुक्त ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि, एक दिन ट्रस्ट की बैठक हुई थी. उसके एक-दो दिन बाद भी ये बात आई थी तब भी स्पष्ट कर दिया गया था. यह पुरानी ही बैठकों की बात जो कार्य किया है या उसमें बातचीत के बिंदू होते हैं. वह अलग ट्रस्ट के लोगों के हवाले से बता दिए जाते हैं. सोशल मीडिया में कई मैसेज ऐसे भी सर्कुलेट हो जाते हैं तो पुरानी बातें होती हैं.

जैसा मैंने बताया कि भारत के अलग-अलग मंदिरों की व्यवस्थाएं हैं. उसका तुलनात्मक अध्ययन किया गया था. उसकी ही चर्चाएं हुई थी, उन्हीं चर्चाओं में यह बात आई थी कि बाकी मंदिरों में इस प्रकार का शुल्क लगता है, लेकिन वाराणसी के मंदिर में कोई शुल्क लगाने का अभी निर्णय नहीं हुआ है और ऐसा कोई निर्णय भविष्य में अगर होगा तो उसकी जानकारी दी जाएगी.

इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि फिलहाल मंदिर में किसी प्रकार के शुल्क की कोई व्यवस्था स्पर्श दर्शन के लिए नहीं की जा रही है. यहां जो आरतियां होती हैं, या जो हमारे बाकी के हेल्प डेस्क के माध्यम से जो दर्शन होते हैं. उन्हीं की शुल्क जो पहले से निर्धारित है, वो वैसे ही रहेंगी. उसके अलावा कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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