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‘वीरता’ का महापर्व: पीएम मोदी खोलेंगे इतिहास के पन्ने, 20 ‘नन्हे शूरवीर’ को मिलेगा बाल पुरस्कार

Veer Bal Diwas 2025: 6 दिसंबर को वीर बाल दिवस पर दिल्ली में बड़े आयोजन हो रहा है. राष्ट्रपति, बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करेंगी. वहीं पीएम मोदी भारत मंडपम में साहिबजादों की शहादत पर देश को करेंगे संबोधित.

Veer Bal Diwas 2025 PM Modi Address at Bharat Mandapam President to Confer Bal Puraskar

Veer Bal Diwas 2025: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज, शुक्रवार (26 दिसंबर) को ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. आज का दिन देश के उन वीर सपूतों को समर्पित है, जिन्होंने कम उम्र में ही अदम्य साहस का परिचय दिया. इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ही अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होकर देश की ‘बाल शक्ति’ का उत्साहवर्धन करेंगे.

सुबह विज्ञान भवन में जहां प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं दोपहर में भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशाल जनसभा और बच्चों को संबोधित करेंगे. यह दिन सिखों के 10वें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों (बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी) की शहादत और बलिदान को नमन करने का दिन है.

20 बच्चों को मिलेगा ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’

आज के कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 10 बजे विज्ञान भवन से होगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के विभिन्न हिस्सों से चुने गए 20 असाधारण बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ (PMRBP) से सम्मानित करेंगी. ये वे बच्चे हैं जिन्होंने नवाचार, समाज सेवा, खेल, कला-संस्कृति और बहादुरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है. इस सम्मान समारोह का उद्देश्य अन्य बच्चों को भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है.

PM मोदी का संबोधन और ‘भारत की बाल शक्ति’

दोपहर करीब 12:15 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचेंगे. वे यहां आयोजित मुख्य ‘वीर बाल दिवस’ समारोह में शामिल होंगे. पीएम मोदी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों से सीधा संवाद करेंगे और देश को संबोधित करेंगे. उनके संबोधन का मुख्य विषय ‘भारत की बाल शक्ति’ होगा. गौरतलब है कि जनवरी 2022 में गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर पीएम मोदी ने ही 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी.

अत्याचार के खिलाफ साहस की मिसाल

‘वीर बाल दिवस’ बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की अतुलनीय बहादुरी को याद करने का दिन है. बेहद कम उम्र में उन्होंने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी थी, लेकिन अत्याचारी मुगल शासकों के सामने घुटने नहीं टेके. उनकी दीवार में चुनवा दी जाने वाली शहादत भारतीय इतिहास का सबसे मार्मिक और प्रेरणादायक अध्याय है.

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देशभर में गूंजेगी वीर गाथा

भारत सरकार ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए देशव्यापी तैयारी की है. देशभर के स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल देखभाल संस्थानों में साहिबजादों की वीर गाथाएं सुनाई जाएंगी. बच्चों के लिए निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग और कविता पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं. MyGov और MyBharat पोर्टल पर ऑनलाइन क्विज और इंटरैक्टिव सेशन भी होस्ट किए जा रहे हैं ताकि युवा पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके.



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