आज ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ के खास मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल के भाई-बहनों को ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं. ये दिन भारत के एक ऐसे गौरवशाली राज्य का जश्न मनाता है, जिसने अपनी कला, संस्कृति, बेमिसाल साहित्य, संगीत, अध्यात्म और विज्ञान के दम पर देश के इतिहास को एक नया आकार दिया है. चाहे राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारक हों या जगदीश चंद्र बोस जैसे वैज्ञानिक, बंगाल ने हर दौर में भारत की राष्ट्रीय चेतना को समृद्ध और मजबूत किया है.
भारत की राष्ट्रीय चेतना को किया समृद्ध
इस खास मैके पर पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैडल पर बंगाल की जनता को शुभकामनाएं दी. पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा,’पश्चिम बंगाल दिवस के मौके पर, मैं पश्चिम बंगाल के अपने भाइयों और बहनों को दिल से बधाई देता हूं. ये दिन उस राज्य का जश्न मनाता है जिसने साहित्य, संगीत, कला, आध्यात्मिकता, विज्ञान, व्यापार और वाणिज्य, समाज सुधार और कई अन्य क्षेत्रों में अपने योगदान से भारत के इतिहास को आकार दिया है. पश्चिम बंगाल ने बार-बार और कई तरह से भारत की राष्ट्रीय चेतना को समृद्ध किया है.’
পশ্চিমবঙ্গ দিবস উপলক্ষে পশ্চিমবঙ্গের আমার বোন ও ভাইদের জানাই আন্তরিক শুভেচ্ছা।
এই দিনটি এমন এক রাজ্যকে উদযাপন করে যা সাহিত্য, সঙ্গীত, শিল্প, আধ্যাত্মিকতা, বিজ্ঞান, বাণিজ্য ও ব্যবসা, সমাজ সংস্কার এবং আরও অনেক বৈচিত্র্যময় ক্ষেত্রে তার অবদানের মাধ্যমে ভারতের ইতিহাসকে রূপদান…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 20, 2026
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में 20 जून का बहुत महत्व है. इसी दिन यह तय हुआ था कि पश्चिम बंगाल भारत का एक अभिन्न अंग बना रहेगा. इसके पीछे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अमूल्य योगदान था. 2026 में, हम डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाएंगे.
केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करेगी. मैं पश्चिम बंगाल की प्रगति और वहां के लोगों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं.
क्यों खास है 20 जून की तारीख?
इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि 20 जून का दिन पश्चिम बंगाल के अस्तित्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. साल 1947 में आज ही के दिन यह ऐतिहासिक फैसला हुआ था कि पश्चिम बंगाल भारत का एक अटूट और अभिन्न हिस्सा बना रहेगा.
बंगाल को भारत में बनाए रखने के पीछे जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बहुत बड़ा और निर्णायक योगदान था. उनके इसी दूरदर्शी प्रयास की वजह से आज का पश्चिम बंगाल हमारे नक्शे का गौरव है. संयोग देखिए कि इस साल यानी 2026 में देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाने जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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