Amit Shah on West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने राज्य के सियासी इतिहास के पन्नों को पूरी तरह पलट दिया है. गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में जनता ने जो उत्साह दिखाया, उसने लोकतंत्र के महापर्व के सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं. इस ऐतिहासिक भागीदारी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मतदाताओं का आभार जताते हुए इसे बंगाल में एक बड़े बदलाव और ‘सुशासन के नए युग’ का संकेत करार दिया है.
बंगाल में टूटा वोटिंग का ‘महा-रिकॉर्ड'(West Bengal Voting Record 2026)
बंगाल चुनाव के पहले चरण में मतदान का प्रतिशत 92.88% तक जा पहुंचा है, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान है. इससे पहले 2011 के ऐतिहासिक परिवर्तन वाले चुनाव में 84.72% वोटिंग हुई थी, लेकिन इस बार बंगाल की जनता ने उस रिकॉर्ड को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है. 152 विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 3.6 करोड़ मतदाताओं ने सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें लगाकर यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार का मुकाबला आर-पार का है.
अमित शाह का अभिनंदन: ‘शांतिपूर्ण मतदान ने जीता दिल’
चुनाव संपन्न होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मतदाताओं के साथ-साथ सुरक्षा बलों की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने लिखा कि बंगाल के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान के लिए चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के बहादुर जवानों और बंगाल पुलिस का अभिनंदन करता हूँ.
यह ऐतिहासिक भागीदारी सुशासन के नए युग की आहट है.”
शाह का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि भाजपा भारी मतदान को सत्ता विरोधी लहर और अपने पक्ष में बदलाव के तौर पर देख रही है.
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जानें क्या रहा प्रमुख जिलों का हाल?(Voting Percentage Record)
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक वोटरों में जबरदस्त जोश दिखा:
कूचबिहार: यहाँ सबसे अधिक 96.04% मतदान हुआ.
दक्षिण दिनाजपुर व जलपाईगुड़ी: यहाँ भी क्रमश: 95.44% और 94.65% की भारी वोटिंग दर्ज की गई.
मुर्शिदाबाद व बीरभूम: इन संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में भी 94% से अधिक मतदान हुआ.
कालिम्पोंग: यहाँ सबसे कम 83.07% वोट पड़े, जो राज्य के औसत से काफी नीचे रहा.
एसआईआर (SIR) का क रहा असर?
इस बार मतदान प्रतिशत में आई रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे चुनाव आयोग की नई रणनीतियों और सुरक्षा के कड़े इंतजामों को माना जा रहा है. 16 जिलों में फैली इन 152 सीटों पर सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर प्रक्रिया काफी सुचारू रही.
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-भारत एक्सप्रेस
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