PM Modi In Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने ‘गीतांजलि आईआईएससी’ ग्रुप की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि ‘गीतांजलि आईआईएससी’ यह अब सिर्फ एक क्लास नहीं, बल्कि कैंपस का सांस्कृतिक केंद्र है. यहां हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराएं व शास्त्रीय विधाएं हैं और छात्र यहां साथ बैठकर रियाज करते हैं. प्रधानमंत्री ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि-
आज का जीवन टेक संचालित होता जा रहा है. जो परिवर्तन सदियों में आते थे वो बदलाव हम कुछ बरसों में होते देख रहे हैं. कई बार तो कुछ लोग चिंता जताते हैं कि रोबोट्स कहीं मनुष्यों को ही न रिप्लेस कर दें. ऐसे बदलते समय में मानव विकास के लिए अपनी जड़ों से जुड़े रहना बहुत जरूरी है.”
उन्होंने कहा कि मुझे ये देखकर बहुत खुशी होती है कि नई सोच के साथ और नए तरीकों के साथ हमारी अगली पीढ़ी अपनी संस्कृति की जड़ों को अच्छी तरह थाम रही है. भारतीय विज्ञान संस्थान की पहचान रिसर्च और इनोवेशन है. कुछ साल पहले वहां के कुछ छात्रों ने महसूस किया कि पढ़ाई और रिसर्च के बीच संगीत के लिए भी जगह होनी चाहिए. बस यहीं से एक छोटी-सी म्यूजिक क्लास शुरू हुई.
पीएम मोदी ने बताया क्या है गीतांजलि IISC?
पीएम मोदी ने कहा कि ना बड़ा मंच और ना कोई बड़ा बजट, बस धीरे-धीरे ये पहल बढ़ती गई और आज इसे हम ‘गीतांजलि आईआईएससी’ के नाम से जानते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र यहां साथ बैठकर रियाज करते हैं. प्रोफेसर साथ बैठते हैं और उनके परिवार भी जुड़ते हैं. पीएम मोदी ने बताया कि आज दो-सौ से ज्यादा लोग इससे जुड़े हैं. खास बात ये कि जो विदेश चले गए, वो भी ऑनलाइन जुड़कर इस ग्रुप की डोर थामे हुए हैं.
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युवाओं से की अपील
इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं से ‘हैकेथन्स’ से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 साल में ‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन’ में 13 लाख से ज्यादा छात्र और 6 हजार से ज्यादा संस्थान हिस्सा ले चुके हैं . युवाओं ने सैंकड़ों समस्याओं के सटीक समाधान भी दिए हैं. इस तरह के ‘हैकेथन्स’का आयोजन समय-समय पर होता रहता है.
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