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मौत का अड्डा सिंगरौली का ट्रामा सेंटर! किलकारी से पहले जच्चा-बच्चा की मौत, प्रसव के दौरान छाती दबा रहीं थी नर्स

Death In Singrauli District Hospital: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला अस्पताल में 5 जुलाई दिन रविवार को भारी हंगामा हो गया. क्योंकि, यहां एक महिला की और उसके नवजात की प्रसव से पहले ही मौत हो गई. डॉक्टरों पर मामले में गंभीर आरोप लग रहे हैं. जानिए क्या है पूरा मामला?

Woman And Child Death During Delivery In Singrauli District Hospital Trauma Center

AI Generated Image

Death In Singrauli District Hospital: मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी कहलाने वाला सिंगरौली अपनी मेडिकल बतइंतजामी के कारण इन दिनों मौत की राजधानी बनाता जा रहा है. पहले से कई गंभीर मामलों को लेकर बदनाम सिंगरौली जिला अस्पताल एक पर फिर से सुर्खियों में आ गया है. इस बार मामलाा ज्यादा गंभीर इसलिए हो गया है कि यहां एक मासून जो सायद कुछ मिनटों में किलकारी के साथ एक परिवार को खुशी देता वही अपने मां के साथ हमेशा के लिए शांत हो गया. इन सबके पीछे अस्पताल की घोर लापरवाही एक सबसे बड़ा कारण बनी है.

सिंगरौली के ट्रॉमा सेंटर में प्रसव के दौरान 26 वर्षीय आरती बियार और उनके नवजात की मौत हो गई. आरती मूल रूप से दमोह जिले के पतेरा की रहने वाली थीं. फिलहाल वह सिंगरौली के झांझीटोला, बैढ़न में रहती थीं. मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और डॉक्टरों-नर्सों पर गंभीर लापरवाही व अभद्रता का आरोप लगाया. हालांकि, डॉक्टरों ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है.

क्या हुआ था उस रात?

महिला के पति सूरज सिंह ठाकुर के मुताबिक, रविवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर आरती को जिला अस्पताल लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि रात करीब 11 बजे भर्ती के बाद डॉक्टरों ने जांच लिखी और दो यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा, लेकिन संबंधित कक्ष बंद मिला. इसी दौरान आरती की हालत बिगड़ती चली गई और उनकी मौत हो गई, नवजात भी जीवित नहीं बच सका.

सूरज सिंह का आरोप है कि प्रसव के दौरान दो स्टाफ नर्स आरती के सीने पर दबाव बना रही थीं, जिससे उनका दम घुट गया. उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती के समय नर्सों ने पैसों की मांग की और विरोध करने पर परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया.

जमकर हुआ हंगामा

गुस्साए परिजनों ने डिलीवरी वार्ड के ऑपरेशन थिएटर के गेट का शीशा तोड़ दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया. अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली. मामले की गंभीरता देखते हुए सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर और सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया.

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने कहा कि स्टाफ की लापरवाही अभी प्राथमिक रूप से सामने नहीं आई है और मामले की जांच कराई जाएगी. उनके मुताबिक आरती एनीमिक थीं और उनमें खून की कमी थी, जिसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी. खैर अब देखना होगा की इस मामले की जांच में क्या सामने आता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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