IPL 2026 Dugout Phone Controversy: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के अनुशासन और नियमों को लेकर बीसीसीआई (BCCI) ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया है, जिसके बाद उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है. इस घटना के दौरान उनके साथ बैठे 15 वर्षीय उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भूमिका की भी जांच की गई थी, लेकिन युवा खिलाड़ी के लिए राहत की खबर सामने आई है.
रोमी भिंडर पर कितना लगा जुर्माना?
डगआउट में फोन इस्तेमाल करने के मामले की जांच पूरी होने के बाद रोमी भिंडर पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है. बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (ACU) ने मामले की गहराई से जांच की थी. भिंडर के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उन्हें भ्रष्टाचार (Corruption) के किसी भी संदिग्ध मामले में क्लीन चिट दे दी गई है.
हालांकि, डगआउट में फोन ले जाना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो.
क्या वैभव सूर्यवंशी पर भी हुई कार्रवाई?
मैनेजर के साथ डगआउट में बैठे बिहार के 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर भी सबकी निगाहें टिकी थीं. जांच के बाद यह साफ हो गया है कि वैभव इस पूरे मामले में बाल-बाल बच गए हैं. उन पर किसी भी तरह का जुर्माना या कार्रवाई नहीं की गई है. वैभव को केवल खेल और अनुशासन पर ध्यान देने की सलाह दी गई है, क्योंकि फोन इस्तेमाल करने की पूरी जिम्मेदारी टीम मैनेजर की थी.
क्यों डगआउट में फोन चला रहे थे मैनेजर?
रोमी भिंडर के पक्ष में यह दलील दी गई थी कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों (Medical Grounds) से बीसीसीआई से विशेष छूट मांगी थी. जानकारी के अनुसार, आईपीएल से ठीक पहले भिंडर फेफड़ों की गंभीर बीमारी के कारण आईसीयू (ICU) में भर्ती थे.
गुवाहाटी में 10 अप्रैल को आरसीबी के खिलाफ मैच के दौरान वे अपने डॉक्टर के संपर्क में रहने के लिए फोन का उपयोग कर रहे थे. हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि मैनेजर को ड्रेसिंग रूम में फोन रखने की अनुमति है, लेकिन डगआउट (मैदान के करीब) में इसका इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है.
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गुवाहाटी मैच के दौरान नियमों का उल्लंघन
यह पूरा विवाद राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए मुकाबले के दौरान शुरू हुआ था. लाइव प्रसारण के दौरान भिंडर को बल्लेबाजी के समय फोन चलाते देखा गया था. आईपीएल के प्रोटोकॉल के मुताबिक, खेल के दौरान तकनीकी उपकरणों का उपयोग डगआउट में पूरी तरह वर्जित है ताकि खेल की शुचिता बनी रहे. भिंडर की मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए सजा में थोड़ी नरमी बरती गई है, लेकिन जुर्माने के जरिए सभी टीमों को अनुशासन का कड़ा संदेश दिया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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