Bharat Express DD Free Dish

17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा

रोहिणी कोर्ट ने 17 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई. न्यायाधीश ने कहा कि वह समाज के लिए खतरा है और उसका अपराध जघन्य है.

UP News, Monad University Hapur, Vijendra Singh Hooda,
Aarika Singh Edited by Aarika Singh

रोहिणी कोर्ट ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने कहा कि वह समाज के लिए एक वास्तविक खतरा है. यह घटना वर्ष 2021 की है.

न्यायाधीश ने दोषी पिता को पाक्सो की धारा 6 व बलात्कार करने को दोषी ठहराया था. उन्होंने कहा कि दोषी का अपराध सबसे जघन्य अपराधों में से एक है. समाज के लिए यह बिल्कुल अस्वीकार्य है कि एक पिता ने अपनी सगी बेटी के साथ बलात्कार किया और उसे लगभग छह महीने तक गर्भ के साथ रहने दिया.

दोषी नरमी का हकदार नहीं

न्यायाधीश ने कहा कि दोषी के कृत्य ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. अगर वह अपनी बेटी के साथ इतना जघन्य अपराध कर सकता है, तो वह अन्य बच्चों के साथ भी ऐसा कर सकता है. इस तरह दोषी समाज के लिए एक वास्तविक खतरा है. यह अपराध एक जघन्य कृत्य है और दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. समाज की रक्षा करना और दोषी को यथासंभव लंबे समय तक समाज से दूर रखना इस अदालत का कर्तव्य है. दोषी के साथ सख्ती से पेश आया जाना चाहिए. अदालत ने कहा कि हलांकि यह मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता. दोषी को उसके शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास की सजा सुनाई.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी फिल्म निर्देशक की जमानत याचिका खारिज की

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read