अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर कर चुनावी वादों के वित्तीय प्रभाव, मुफ्त की रेवड़ियों पर रोक और घोषणापत्रों के लिए एक निश्चित प्रारूप लागू करने की मांग की है. (PC: भारत एक्सप्रेस)
Supreme Court: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अभिषेक बनर्जी आंखों के ईलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी है. अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
क्या है मामाला?
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगी थी. मामले की सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट ने बताया था कि सांसद अपनी जांच के लिए कोर्ट द्वारा प्रस्तावित एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने को तैयार नहीं है. जस्टिस सौगता भट्टाचार्य ने सभी पक्षों की जिरह के बाद याचिका को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह भारत में बनर्जी की आंखों की स्थिति का आकलन किए बिना उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति देने के इच्छुक नहीं है, ताकि यह देखा जा सके कि विदेश यात्रा आवश्यक है या नहीं.
तीन अलग-अलग आपराधिक मामले की जांच जारी है
कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल जाने का निर्देश दिया था, जहां उनकी स्थिति की जांच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा. अदालत ने यह भी कहा था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें हेयर स्ट्रीट थाना और बिधाननगर साइबर थाने में जांच जारी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को कहा था. क्योंकि अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसकी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि,
उन्होंने कोलकाता हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार डीजे मामले में जांच में सहयोग किया है. उन्होंने अपना वॉयस सैंपल भी दिया है. इसके बावजूद उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. कोलकाता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को एसएसकेएम अस्पताल के चक्षु विभाग में जांच कराने और विशेषज्ञ की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. इसके बाद ही विदेश में इलाज की आवश्यकता पर विचार किया जाएगा. अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने पर रोक पहले से लागू एक शर्त के कारण है. आपराधिक मामले में हाई कोर्ट ने उन्हें कठोर कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया, लेकिन यह शर्त स्पष्ट शर्त रखी थी कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेंगे.
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा था कि क्या अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के किसी अस्पताल में आंखों की जांच कराई है क्या? इसपर उनके ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि डायमंड हार्बर के सांसद पिछले करीब 10 वर्षो से अमेरिका में आंखों का इलाज करा रहे हैं और वहां नियमित जांच भी होती है.
-भारत एक्सप्रेस
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