Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

हरियाणा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने EVM Verification दिशानिर्देश की मांग की

कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने ईवीएम के चार प्रमुख घटकों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग ने ईवीएम जांच के लिए कोई उचित तंत्र नहीं बनाया.

Karan Singh Dalal

करण सिंह दलाल

हरियाणा विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सीजेआई संजीव खन्ना के पास भेज दिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह का एक मामला पहले से ही सीजेआई संजीव खन्ना के पास लंबित है, इसलिए इस मामले की भी सुनवाई सीजेआई भी करेंगे. पांच बार के विधायक रहे करण सिंह दलाल ने याचिका में चुनाव आयोग को ईवीएम के चार कम्पोनेंट (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट, वीवीपीएटी और सिंबल लोडिंग यूनिट) की मेमोरी/ माइक्रोकंट्रोलर की जांच और सत्यापन के लिए दिशा निर्देश जारी करने की मांग की गई है.

याचिका में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ मामले में शीर्ष अदालत द्वारा पहले दिए गए फैसले का अनुपालन करने की मांग की गई है. दलाल और सिंगला ने कहा है कि उनकी याचिका में चुनाव परिणामों को चुनौती नही दी गई है. बल्कि ईवीएम सत्यापन के लिए एक मजबूत तंत्र बनाए जाने का अनुरोध किया गया है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि यह प्रक्रिया 8 सप्ताह के भीतर पूरी की जाए.

ईवीएम सत्यापन की मांग

याचिका में कहा गया है कि यह मामला देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों को प्रभावित करता है. इसलिए इसे तत्काल और निर्णायक रूप से हल किया जाना चाहिए. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ईवीएम के चार घटकों की इस्तेमाल मेमोरी/माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए कोई प्रक्रिया नही जारी की है. यह चुनाव आयोग की किसी भी प्रकार की जांच से बचाने की मांग की इच्छा को दर्शाता है.

ईवीएम से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

बता दें कि कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव में ईवीएम की गड़बड़ी का दावा करते हुए आयोग से 13 अक्टूबर को शिकायत की थी. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि 26 सीटों पर मतगणना के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई. चुनाव आयोग ने 29 अक्टूबर को कांग्रेस की शिकायत को खारिज कर दिया था. आयोग ने 1642 पेज के जवाब में कांग्रेस के आरोपों को निराधार, गलत और तथ्यहीन बताया था. चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा था कि मतदान और मतगणना जैसे संवेदनशील समय के दौरान गैरजिम्मेदाराना आरोप लगाने से अशांति और अराजकता पैदा हो सकती है.

कांग्रेस के कहा कि चुनाव आयोग ने खुद को क्लीन चिट दी है. हमें नही पता कि आयोग को कौन सलाह दे रहा है. लेकिन ऐसा लगता है कि आयोग यह भूल गया है कि यह संविधान के तहत स्थापित निकाय है. चुनाव आयोग ने पिछले एक साल में पांच मामलों का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी को नसीहत दी थी और कहा था कि आरोप लगाने में सावधानी बरतें और बिना किसी सबूत के इलेक्टोरल ऑपरेशन पर आदतन हमला करने से बचें.

ये भी पढ़ें: Dabur और Patanjali के बीच Chyavanprash विज्ञापन पर छिड़ा विवाद, पढ़ें क्या है पूरा मामला

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital