AgustaWestland Case: अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में आरोपी अधिवक्ता गौतम खेतान द्वारा सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक नया ट्रेंड बन गया है कि जब ट्रायल चल रहा होता है, तब अमीर और प्रभावशाली लोग की कानून की वैधता को चुनौती लेकर अदालत पहुच जाते है.
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
कोर्ट ने गौतम खेतान से कहा कि आम नागरिक की तरह ट्रायल का सामना कीजिए. दायर याचिका में धन शोधन अधिनियम की धारा 44 (1)(C) की वैधता को चुनौती दी गई हैं. सीजेआई ने कहा कि इस प्रैक्टिस को रोका जाना चाहिए. ये संपन्न याचिकाकर्ता सोचते हैं कि वे ट्रायल को बायपास कर सकते हैं. कानून सबके लिए समान है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्रता याचिकाकर्ता को नही बल्कि वरिष्ठ अधिवक्ता लूथरा को दी जा रही है.
सीजीआई ने कहा कि संबंधित मामले को सूचीबद्ध किया जाएगा और उस पर सुनवाई होगी. गौतम खेतान ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. हाई कोर्ट ने फरवरी 2015 के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ खेतान की अपील खारिज कर दिया था. इसमें ईडी कुर्की के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी.
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2019 में गौतम खेतान को मिली जमानत
16 अप्रैल 2019 को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने गौतम खेतान को 25 लाख रुपए के मुचलके पर जमानत दे दिया था. दरअसल अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टर की खरीद के मामले में 3600 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है. सीबीआई के मुताबिक मिशेल ने इस घोटाले की कुछ रकम 2010 के बाद हासिल किया और कुछ 2010 के बाद 3600 करोड़ रुपए के इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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