Bharat Express DD Free Dish

भारतीय नागरिकता के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सोनिया गांधी को जवाब दाखिल करने के लिए दिया समय

भारतीय नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के आरोपों से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सोनिया गांधी के वकील को नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी.

Sonia Gandhi in Indian citizenship case
Edited by Vaibhav Gupta

भारतीय नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट द्वारा जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए सोनिया गांधी के वकील को कोर्ट ने समय दे दिया है. स्पेशल जज डॉक्टर विशाल गोगने ने यह समय दिया है.

कोर्ट ने जवाब दाखिल के लिए दिया समय

मामले की सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी के वकील ने कोर्ट को बताया कि हालही में कोर्ट का नोटिस मिला है. लिहाजा जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया जाए, जिसके बाद कोर्ट ने समय दे दिया है. कोर्ट 7 फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. यह याचिका विकास त्रिपाठी ने दायर की थी.

दायर याचिका में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 11 सितंबर को विकास त्रिपाठी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सेंशन कोर्ट में याचिका दायर की है. दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में दर्ज करा दिया गया था. यह याचिका विकास त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी.

1980 में सोनिया गांधी की स्थिति अलग

दायर याचिका में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था. जबकि आधिकारिक तौर पर वह अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिक बनीं. याचिका में कहा गया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है, लेकिन 1980 में सोनिया गांधी की स्थिति अलग थी.

याचिका में सवाल उठाया गया था कि नई दिल्ली लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कैसे शामिल था? हालांकि बीजेपी ने पहले आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा लिया था.

वहीं, पिछली सुनवाई में वकील ने कहा था कि 1980 में मतदाता सूची में उनका नाम शामिल होने का मतलब है कि कुछ जाली दस्तावेज जमा किए गए थे और यह एक संज्ञेय अपराध का मामला है. इसलिए सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए.

वोटर लिस्ट से नाम हटाने के पीछे दो कारण

याचिकाकर्ता के वकील पवन नारंग ने कोर्ट को बताया था कि 1982 में दो लोगों के नाम सूची हटाए गए थे, संजय गांधी, जिनकी मौत हो चुकी थी, और सोनिया गांधी. उनका कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के पीछे दो ही संभावित कारण होते है- या तो व्यक्ति को किसी अन्य देश की नागरिकता मिल चुकी हो या फिर उसने दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भरा हो. दोनों स्थिति में नागरिक होना अनिवार्य है.

शिकायतकर्ता के अनुसार सोनिया गांधी मूल रूप से इटली की नागरिक थी और उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल किया. लेकिन इससे पहले ही 1981 और 1982 उनका नाम नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हो गया था.

ये भी पढें: मानहानि मामले में बीजेपी नेता करनैल सिंह को कोर्ट ने जारी किया समन, पेश होने का दिया आदेश

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read