आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध से हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. साथ ही एनएचआरसी ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. आयोग ने दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है. आयोग ने दोनों अधिकारियों से रिपोर्ट में मृतकों की स्वास्थ्य स्थिति, जांच की प्रगति और पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे की जानकारी देने को कहा है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग गंभीर हालत में इलाज चल रहा है. फरवरी के तीसरे सप्ताह से ही लालाचेरुवु, चौदेस्वरनगर और स्वरूपनगर में लोग बीमार पड़ने लगे थे. जिस दूध को पीने से लोगों की मौत हुई है, वह एक स्थानीय डेयरी यूनिट से सप्लाई किया गया था.
जांच में जुटी प्रशासनिक टीम
दूध पीने के बाद लोगों में उल्टी, पेट दर्द, पेशाब बंद होना और गंभीर किडनी फेलियर जैसी समस्याएं सामने आने लगी थी. दूध में एथिलीन ग्लाइकॉज जैसे जहरीले रसायन की मिलावट की आशंका जताई गई थी. इस विषैले पदार्थ के कारण पीड़ितों के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हुई.
यह घटना तब घटी जब नरसापुरम गॉव की.डेयरी यूनिट से 100 से अधिक परिवारों को दूध पहुंचाया गया. खरीदारों ने दूध पीने के कुछ ही घंटे बाद गंभीर लक्षण महसूस किए, जिसके बाद उन्हें डायलिसिस और वेंडिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ी.
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-भारत एक्सप्रेस
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