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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अनवर ढेबर को मिली जमानत, लेकिन छत्तीसगढ़ में नहीं रख सकेंगे कदम

Chhattisgarh Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से अनवर ढेबर को बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने की सख्त शर्त के साथ अंतरिम जमानत दे दी है.

मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई.

भारत में वैवाहिक दुष्कर्म की संवैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई, जिसमें केंद्र और राज्यों के रुख पर फैसला होना है. (PC: भारत एक्सप्रेस)

Edited by Shubhra Rai

Chhattisgarh Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. उन्होंने अनवर ढेबर को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सभी पक्षों की जिरह के बाद अंतरिम जमानत दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, कि अनवर ढेबर जमानत पर बाहर आने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि वह उनकी व्यक्तिगत आजादी के अधिकार में संतुलन बना रहा है और हाई कोर्ट से मिली कुछ गोपनीय जानकारी की जांच करेगा.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि,

आजादी के अधिकार को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है. कोर्ट ने अनवर ढेबर को निर्देश दिया है कि वह अधिकारियों को उस जगह का पता और संपर्क विवरण दे, जहां वह रहेगा. पिछली सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा था कि हमने अभी एक बहुत अहम गिरफ्तारी की है और हम जांच के एक अहम पड़ाव पर है. इसकी जांच 2 सप्ताह में पूरी हो जाएगी. इसपर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा था कि आपको इस मामले के बारे में 2023 में ही पता था, लेकिन आपने गिरफ्तारी तब की जब उन्हें दूसरे मामलों में जमानत मिल गई.

जेठमलानी ने कहा था कि,

हमें एसीआईआर से जानकारी मिली थी. ईडी ने 7 एसीआईआर दर्ज की थी. जस्टिस बागची ने कहा था कि हमें ऐसा न समझा जाए कि हम उनके बेगुनाह होने पर फैसला कर रहें है. हम अपराध की गंभीरता को समझते है. कई एफआईआर दर्ज है. जिनमें उन्हें बार-बार गिरफ्तार किया गया. इस मामले में उन्हें 2 साल बाद गिरफ्तार किया गया. इससे सजा के तौर पर हिरासत में रखने का एहसास होता है. जबकि अनवर ढेबर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि यह मामला सिर्फ ‘एवरग्रीनिंग (मामले को खींचते रहने) का है और कुछ नही. जेठमलानी ने कहा था कि यह जांच का आखिरीचरण में है और अब यह हमारी आखिरी चार्जशीट है. ॉ

जांच एजेंसियों का आरोप है कि,

2019 से 2023 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था. इस नेटवर्क पर शराब निर्माताओं, सप्लायर्स और अन्य पक्षों से अवैध कमीशन वसूलने तथा सरकारी तंत्र को प्रभावित करने के आरोप है. 13 मई को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनवर ढेबर की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. यह याचिका 182 करोड़ रुपए के ओवरटाइम, हॉलिडे पे, बोनस और सर्विस चार्ज से संबंधित है. पिछली सरकार में आबकारी विभाग में हुए घोटाले पर ईडी और ईडब्ल्यू ने अलग-अलग केस दर्ज किया था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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