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मणिपुर हिंसा के पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की जातीय हिंसा में भूमिका का आरोप लगाने वाली ऑडियो क्लिप से हुई छेड़छाड़: NFSL

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह की जातीय हिंसा में भूमिका का आरोप लगाने वाली ऑडियो क्लिप के मामले की सुनवाई के दौरान गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने कोर्ट को बताया मणिपुर के ऑडियो टेप से छेड़छाड़ हुई हैं.

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की जातीय हिंसा में भूमिका का आरोप लगाने वाली ऑडियो क्लिप के मामले की सुनवाई के दौरान गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने कोर्ट को बताया मणिपुर के ऑडियो टेप से छेड़छाड़ हुई हैं. उन्होंने कहा कि ऑडियो टेप पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की आवाज से मेल खाती है या नहीं, यह नहीं कहा जा सकता है.

ऑडियो टेप से हुई छेड़छाड़

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ 8 दिसंबर को सुनवाई करेगी. मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि एन बीरेन सिंह की कथित संलिप्तता से संबंधित रेकॉर्डिंग से संबंधित मामले में ऑडियो टेप से छेड़छाड़ की गई है और वे आवाजों की तुलना के लिए वैज्ञानिक रूप से उपयुक्त नहीं हैं, इसलिए वक्ताओं की समानता या असमानता पर कोई राय नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने रिपोर्ट को संबंधित पक्षकारों को साझा करने का निर्देश दिया है.

आवाज के नमूनों की जांच का निर्देश

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि ऑडियो क्लिप पर फॉरेंसिक जांच गलत दिशा में जा रही है. कोर्ट ने कहा था कि हमने वीडियो की प्रामाणिकता के बारे में नहीं पूछा था, बल्कि आवाज के नमूनों की जांच का निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि हम यह जानना चाहते हैं कि उस आवाज को व्यक्ति की स्वीकृति आवाज के साथ जांचने के बाद क्या यह पहचाना जा सकता है कि दोनों में एक ही व्यक्ति बोल रहा है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े किसी भी गलत कार्य में शामिल लोगों की रक्षा करने की कोई आवश्यकता नही है.

पहली नॉन गवर्मेन्ट फूल फ्लेज्ड फोरेंसिक लैब

यह याचिका कुकी ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट की ओर दायर की गई है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जातीय हिंसा को बढ़ावा देने में मणिपुर के पूर्व सीएम बीरेन सिंह की भूमिका को लेकर लीक ऑडियो टेप पर फोरेंसिक रिपोर्ट देने को कहा था. टूथ लैब्स की स्थापना साल 2007 में हुई थी. ये भारत की पहली नॉन गवर्मेन्ट फूल फ्लेज्ड फोरेंसिक लैब है. जिसने पुष्टि की है कि 93 % ऑडियो टेप मुख्यमंत्री के आवाज से मेल खाते है. दायर याचिका में सीएम पर मणिपुर में हिंसा भड़काने का आरोप है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को अपने संविधान, नियम और कायदे वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी कर मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस



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