कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी डॉक्टर बिलकिस शाह की मुश्किलें बढ़ गई है. पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बिलकिस शाह के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. कोर्ट ने बिलकिस शाह को 20 मई को पेश होने का निर्देश दिया है. डॉक्टर बिलकिस शाह के विरुद्ध पीएमएलए 2002 की धारा 3/4 के तहत आरोप तय कर दिया है.
एडिशनल सेशन जज शेफाली बरनाला टंडन ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए सबूत पर्याप्त है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बिलकिस शाह की भूमिका को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर संदेह बनता है, इसलिए उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत आरोप तय किया जाता है.
आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का जाल
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थीं और उन्हें मात्र 26 हजार रुपये प्रति माह का मामूली वेतन मिलता था. यह वेतन उनके खर्चो और विलासी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त था, फिर भी उन्होंने कई महंगी संपत्तियां खरीदी. कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर बिलकिस शाह की ओर से दावा किया गया कि अर्जित संपत्तियां उनकी दो बहनों द्वारा साल 2005 में उनकी नाबालिग बेटियों और उन्हें उपहार में दी गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि उक्त संपत्ति उनके पिता मोहम्मद इकबाल राथर ने 1997 में 9 लाख रुपए में खरीदी थी.
हालांकि मोहम्मद इकबाल राथर वैध साधनों से प्राप्त धन से इन संपत्तियों की खरीद को सही ठहराने वाला कोई दस्तावेजी सबूत पेश नही कर सके. वही अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की एनआईए रिमांड को कोर्ट ने दस दिन में लिए बढ़ा दिया है. शब्बीर शाह को पिछले दिनों एनआईए ने गिरफ्तार किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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