Chaitanya Baghel Supreme Court relief
Chaitanya Baghel Supreme Court relief: छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें चैतन्य बघेल को मिली जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार रखते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश में की गई कुछ टिप्पणियों को हटा दिया, जो राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच से संबंधित थीं.
हाई कोर्ट ने दी थी दोनों मामलों में जमानत
चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले और EOW द्वारा दर्ज मामले में जमानत दी थी. इसके बाद राज्य सरकार और ईडी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. याचिकाओं में दावा किया गया था कि चैतन्य बघेल कथित शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं में शामिल हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने हटाई हाई कोर्ट की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा EOW जांच को लेकर की गई प्रतिकूल टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाया जा रहा है. हालांकि, चैतन्य बघेल को मिली जमानत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
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ED की चार्जशीट में 81 आरोपी शामिल
सुनवाई के दौरान ईडी ने बताया कि विशेष अदालत में अंतिम अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है, जिसमें 59 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस मामले में अब कुल आरोपियों की संख्या 81 हो गई है. वहीं, चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकील ने कहा कि हाई कोर्ट ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जमानत का फैसला दिया था.
2161 करोड़ के कथित शराब घोटाले की जांच जारी
बता दें कि छत्तीसगढ़ में कथित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को लेकर ईडी और अन्य जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं. इस मामले में भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ भी जांच चल रही है. भूपेश बघेल ने पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियां राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई कर रही हैं. उन्होंने आशंका जताई थी कि जिस तरह उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया, उसी तरह उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है.
महादेव बेटिंग एप मामले में भी CBI की जांच
इसके अलावा महादेव बेटिंग एप मामले में सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भूपेश बघेल का नाम शामिल है. इस एफआईआर में बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियां इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी कर चुकी हैं. वहीं, महादेव एप से जुड़े कुछ प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है.
भारत एक्सप्रेस
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