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जस्टिस बेला त्रिवेदी को विदाई न देने पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की आलोचना, सीजेआई गवई ने जताई सार्वजनिक आपत्ति

जस्टिस बेला त्रिवेदी को विदाई समारोह न देने पर सीजेआई गवई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कड़ी आलोचना की. कहा, “ऐसा रुख नहीं अपनाना चाहिए था.”

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Prashant Rai Edited by Prashant Rai

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की सेवानिवृत्ति से पहले आयोजित सेरेमोनियल बेंच के दौरान एक असामान्य घटनाक्रम देखने को मिला, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. चंद्रचूड़ के स्थान पर न्यायाधीश बी. आर. गवई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के रुख पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई. दरअसल, जस्टिस त्रिवेदी को विदाई समारोह न देने के एससीबीए के फैसले पर सीजेआई गवई ने स्पष्ट शब्दों में आपत्ति जताई.

सीजेआई गवई ने सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही के दौरान कहा, “मैं सीधे तौर पर कहता हूं कि एसोसिएशन को ऐसा रुख नहीं अपनाना चाहिए था. मैं खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा हूं, क्योंकि मैं स्पष्ट रूप से बात करने में विश्वास रखता हूं.”

हालांकि, उन्होंने एससीबीए अध्यक्ष कपिल सिब्बल और उपाध्यक्ष रचना श्रीवास्तव की मौजूदगी की सराहना की और कहा, “मैं आभारी हूं कि वे यहां आए, भले ही उनकी संस्था ने अलग रुख अपनाया. लेकिन बार संघ का यह रवैया अस्वीकार्य है और इसकी मैं खुलकर निंदा करता हूं.”

सेरेमोनियल बेंच में मौजूद जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने भी सीजेआई गवई के विचारों का समर्थन किया और कहा, “परंपराओं का पालन होना चाहिए और उनका सम्मान किया जाना चाहिए. मुझे विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट की यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी.”

जस्टिस बेला त्रिवेदी 9 जून को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हो रही हैं, लेकिन वह 16 मई से छुट्टी पर जा रही हैं. सेरेमोनियल बेंच की बैठक इसी अवसर पर आयोजित की गई थी. इस दौरान सीजेआई गवई ने जस्टिस त्रिवेदी की न्यायिक सेवा के सफर की सराहना करते हुए कहा कि “जिला न्यायपालिका से सुप्रीम कोर्ट तक उनकी यात्रा कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण का प्रतीक रही है. न्यायपालिका के लिए वह एक मूल्यवान संपत्ति रही हैं. मैं उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं देता हूं.”

जस्टिस त्रिवेदी की गिनती उन जजों में होती है जिन्होंने अपने काम से न केवल न्यायपालिका में एक मजबूत पहचान बनाई बल्कि महिला न्यायाधीशों के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत बनीं. विदाई समारोह में सुप्रीम कोर्ट के कई अन्य न्यायाधीश और वकील भी मौजूद रहे.

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-भारत एक्सप्रेस



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