सीजेआई सूर्यकांत ने देश के सभी हाईकोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्यायिक नियुक्तियों में महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है. सीजेआई के इस पत्र के बाद अधिकांश हाई कोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. यह कदम उच्च न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने और योग्य महिला वकीलों को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने को एक सामान्य प्रक्रिया बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
सीजेआई ने यह पत्र ऐसे.समय भेजा है जब हाईकोर्ट्स में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी काफी कम है. संसद में पेश आंकड़े के मुताबिक हाई कोर्ट्स में कुल 813 कार्यरत न्यायाधीशों में से केवल 116 महिलाएं हैं, जो कुल संख्या का लगभग 14.27 फीसदी है. इससे पहले महिला दिवस पर सीजेआई सूर्यकांत ने हाई कोर्ट कॉलेजियम से अपील की थी कि वे अपने क्षेत्र का विस्तार करें और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही अपने-अपने राज्यों की महिला वकीलों को भी जज नियुक्ति के लिए शामिल करें. उन्होंने कहा था कि इस तरह के सुधार किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बनने चाहिए.
CJI ने नियुक्तियों में तेज़ी लाने की आवश्यकता पर दिया जोर
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि हम सभी को यह समझना होगा कि इस प्रकार का सुधार कोई एक घटना नहीं है यह एक निरंतर प्रक्रिया है. संस्थागत निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत कार्यकाल और व्यक्तित्व से परे दृढ़ता की आवश्यकता होती है. सीजेआई द्वारा पिछले सप्ताह भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सिफारिशों में किसी भी देरी से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होती है.
सीजेआई द्वारा भेजे गए पत्रों में मौजूदा पदों के साथ-साथ निकट भविष्य में उत्पन्न होने वाले पदों के लिए भी सिफारिशों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोड़ दिया है.
निचली अदालतों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 36.3 फीसदी है, जो यह दर्शाता है कि प्रवेश के स्तर पर महिलाओं का एक व्यापक आधार मौजूद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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