CJP leaders arrested Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका को पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जबकि तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को न्यायिक हिरासत में भेजने स्व कोर्ट ने इनकार कर दिया है.
6 महीने तक अशांति न फैलाने का आदेश दिया
तीनों नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेट तोड़कर उस इलाके में प्रवेश किया, जिसे हाल ही में निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था. इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे. अजिंक्य से कोर्ट ने 5 हजार का बेल बॉन्ड भरवाया है. साथ ही 6 महीने तक अशांति न फैलाने का आदेश दिया है. इन शर्तों के साथ उन्हें रिहा कर दिया गया है.
सीजेपी ने फैसले की आलोचना की
अजिंक्य ने रिहा होने के बाद कहा है कि अंग्रेजों वाली सरकार मोदी और शाह चला रहे हैं. अब सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह का दावा करते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस ने कानून का पालन नहीं किया है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से ऊपर से मिले आदेशों के आधार पर काम करने का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने तीन नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें अदालत में पेश किए जाने को लेकर भी जानकारी साझा की है. 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध का आदेश जारी किया. इस आदेश से जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की लिस्ट से हट गया. सीजेपी ने इस फैसले की आलोचना की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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