दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा बीजेपी नेता करनैल सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने संज्ञान लिया है. एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने बीजेपी नेता करनैल सिंह को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया है.
आरोपी नहीं शिकायतकर्ता
कोर्ट 9 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सत्येंद्र जैन से पूछा था कि भाजपा नेता करनैल सिंह के खिलाफ उनकी मानहानि का मुकदमा विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में कैसे चल सकता है. जबकि वह आरोपी नहीं बल्कि शिकायतकर्ता है.
जैन के वकील ने कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट का एक निर्णय है कि यदि कोई पूर्व विधायक किसी मामले में शिकायतकर्ता है तो वह विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में शिकायतकर्ता दर्ज करा सकता है. सत्येंद्र जैन के मुताबिक, करनैल सिंह ने आरोप लगाया है कि ईडी ने उनके घर से 37 किलो सोना बरामद किया, उनके नाम पर 1100 एकड़ जमीन है और उन्होंने भ्र्ष्टाचार करके संपत्ति बनाई है.
झूठा और बेबुनियाद आरोप- जैन
साथ ही करनैल सिंह ने कथित तौर पर यह भी कहा कि जैन ने भारी मनी लॉन्ड्रिंग की, वह भू-माफिया हैं और उन्हें फिर से जेल भेजा जाएगा. जैन ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी उनके खिलाफ झूठी बातें बताकर उनकी छवि को खराब कर रही हैं.
सत्येंद्र जैन ने वकील रजत भारद्वाज के जरिए यह याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित आरोपी ने बयान दिया है कि जैन ने भ्र्ष्टाचार करके अपनी संपत्ति बनाई है और जो पैसा जनता पर खर्च किया जाना था, वह उसने अपने नाम कर लिया है. यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित आरोपी ने झूठा बयान दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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